कोटा में मौसमी बीमारियों ने पसारे पैर, कई हॉस्पिटलों के बेड हुए फुल

मेडिसिन व चर्म रोग विभाग में मरीजों की कतारें देखने को मिल रही है.  हालात यह है कि, पर्ची काउंटर से लेकर, ओपीडी, जांचों व दवा काउंटर तक मरीजों की लम्बी कतारें देखने को मिल रही है.

कोटा में मौसमी बीमारियों ने पसारे पैर, कई हॉस्पिटलों के बेड हुए फुल
अस्पताल में मरीजों का लोड बढ़ गया है.

कोटा: पहले बारिश, फिर गर्मी-उमस का जोर बढ़ने से अब मौसमी बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है. मौसम में हो रहे लगातार बदलाव के कारण एमबीएस (MBS) अस्पताल व जेके लोन (JK Lone) अस्पताल मरीजों से फुल होने लगी है.

मेडिसिन व चर्म रोग विभाग में मरीजों की कतारें देखने को मिल रही है.  हालात यह है कि, पर्ची काउंटर से लेकर, ओपीडी (OPD), जांचों व दवा काउंटर तक मरीजों की लम्बी कतारें देखने को मिल रही है. इलाज व दवाओं के चलते लोग सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) भूल रहे हैं.

सबसे खासा असर नए अस्पताल के चालू नहीं होने से पड़ रहा है. एमबीएस अस्पताल में मरीजों का लोड बढ़ गया है. नए कोटा क्षेत्र से 10 से 12 किमी दूर से मरीजों को एमबीएस आकर इलाज करवाने आना पड़ रहा है. यहां सामान्य से डेढ़ गुना ओपीडी बढ़ गई है.

कई मरीज तो निजी अस्पतालों में इलाज के लिए मजबूर हो रहे है. कोरोना संक्रमण के बीच इन दिनों सर्दी, जुखाम-खांसी व वायरल बुखार (Viral Fever) का जोर बढ़ गया है. इससे कोरोना व वायरल बुखार के लक्षण को समझ नहीं पा रहा है. उमस भरी गर्मी होने के कारण त्वचा रोग भी बढ़ गया है.