गलती से भी राजस्थान बॉर्डर पर एंट्री नहीं ले सकेंगे घुसपैठिए, सरकार ने उठाया ये कदम

बॉर्डर पर सुरक्षा तंत्र विकसित करने, रेगुलर रिव्यू के लिए बीएसएफ (BSF), स्थानीय पुलिस में समन्वय बढ़ाने सहित कई मसलों पर राज्य स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी में चर्चा की गई.

गलती से भी राजस्थान बॉर्डर पर एंट्री नहीं ले सकेंगे घुसपैठिए, सरकार ने उठाया ये कदम
प्रतीकात्मक तस्वीर.

विष्णु शर्मा, जयपुर: पाकिस्तान (Pakistan) से सटी राजस्थान (Rajasthan) की बॉर्डर पर सुरक्षा तंत्र (Security system) मजबूत किया जाएगा. बॉर्डर पर सुरक्षा तंत्र विकसित करने, रेगुलर रिव्यू के लिए बीएसएफ (BSF), स्थानीय पुलिस में समन्वय बढ़ाने सहित कई मसलों पर राज्य स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी में चर्चा की गई.

साथ ही इंटरनेशनल बॉर्डर पर बढ़ी ड्रोन गतिविधियों पर निगरानी के साथ ही जन सामान्य को जागरूक बनाए जाने पर भी विचार किया गया. मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में  हुई इस स्टेट लेवल स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में बीएसएसफ, गृह मंत्रालय, पुलिस महानिदेशक सहित गृह विभाग के अधिकारी शामिल थे.

पाकिस्तान से सटी बॉर्डर पर सुरक्षा तंत्र बनाने के लिए गृह मंत्रालय ने वर्ष 2016 में राज्य स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया था. कमेटी को हर तीन महीने में बैठक कर सुरक्षा तंत्र बनाने, विभिन्न एजेंसियों में समन्वय रखने के निर्देश गए थे. इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद अब मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक की गई हालांकि यह बैठक करीब तीन साल बाद आयोजित की गई है. इस बैठक में कई मुद्दों पर विचार किया गया. 

बैठक में ये अधिकारी थे मौजूद
बैठक में एसीएस गृह राजीव स्वरूप, डीजीपी डॉ. भूपेंद्र सिंह, एडीजी बीएसएफ पश्चिम कमान चंडीगढ़ सुरेंद्र पंवार, आईजी सीमांत सीमा बल जोधपुर अमित लोढा, बीएसएफ इंस्पेक्टर संजय झा, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सहित अन्य आला अफसर मौजूद थे. 

स्टेट लेवल स्टैंडिंग कमेटी में इन मुद्दों पर चर्चा
1. बॉर्डर पर व्यापक सुरक्षा तंत्र विकसित करना, जिसमें बॉर्डर पर बचाव के साथ ही किसी भी उल्लंघन की उचित प्रतिक्रिया देना. 
2. बॉर्डर सुरक्षा तंत्र और अन्य समन्वय मुद्दों के कार्यों की नियमित समीक्षा. 
3. सीमावर्ती क्षेत्र में घटनाओं पर पुलिस को देरी से सूचना दी जाती है. ऐसे में पुलिस के साथ सूचनाएं समय पर साझा कर समन्वय बनाए रखना जरूरी है.
- बॉर्डर के चारों जिलों में समस्त सुरक्षा एजेंसियों की जिला कलेक्टर की ओर से मासिक समीक्षा किया जाना चाहिए.

- बीएसएफ और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय में राज्य पुलिस भूमिका बढ़ाना.  
- बॉर्डर एरिया में होने वाले तस्करी और अन्य अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों की सूचनाएं साझा कर बीएसएफ-पुलिस की संयुक्त नाकाबंदी करना जरूरी. 

4. राज्य में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर वर्तमान स्थिति की समीक्षा.
- जैसलमेर के शाहगढ़ क्षेत्र में रेत के धारों की गंभीर समस्या रहती है, जिससे घुसपैठ की संभावना बनी रहती है.
- श्रीगंगानगर में बॉर्डर पर घना जंगल होने और तार बंदी अवैध घुसपैठ की संभावनाएं बढ़ी. 

5. बॉर्डर पर बढ़ रहे खतरों की समीक्षा करना.
- बॉर्डर पर बढ़ी ड्रोन गतिविधियां सुरक्षा के लिए चुनौती. ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रख लोगों को जागरूक करना.
-  पुगल, दंतौर, बज्जू में जिप्सम खनन के लिए आवंटित लीज इंटरनेशनल बॉर्डर के अधिक  नजदीक. बाहरी मजदूरों के साथ भारी वाहन परेशानी का कारण.
- प्रदेश की सम्पूर्ण इंटरनेशनल बॉर्डर पर भारतमाला प्रोजेक्ट का काम तीव्र गति से चल रहा है.
- सोशल मीडिया के मार्फत दुश्मन देश आम लोगों से सूचनाएं ले सकता है. उचित स्तर पर मॉनिटरिंग करना जरूरी.
- बॉर्डर पर तस्करों से सम्पर्क करने के लिए मोबाइल का उपयोग किया जाता है, ऐसे में जैमर का प्रयोग किया जा सकता है. 

6 . विशेष धमकी के मद्देनजर काउंटर उपाय करना
- ईआरटी, क्यूआरटी जिला पुलिस, बीएसएफ नियमित मॉक ड्रिल व प्रशिक्षण जरूरी
- आतंकवाद विरोध सुरक्षा बलों की प्रशिक्षित टुकड़ी को लगाया जाना जरूरी
7. बॉर्डर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना
8. डीजीपी के अधीन संस्थागत तंत्र के निर्माण के प्रयास किए जाएं

9. एसीएस गृह के अधीन कार्यबल गठित किए जाएं जो सेना के भूमि संबंधित मामलों को निपटाएं
10. बॉर्डर पर सुरक्षा से संबंधित अन्य मामले
- बॉर्डर पर पूर्व में बंद की गई सीआईडी पोस्टों को शुरू करना जरूरी
- श्रीगंगानगर की घग्घर नदी में तेज बहाव होन से मिट्टी के कटाव समस्या का समाधान जरूरी है