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राजस्थान: वरिष्ठ नागरिक तीर्थयोजना का लेना है लाभ? 28 जुलाई तक भर सकते हैं ऑनलाइन फार्म

2019-20 में पांच हजार बुजर्गों को रेल और पांच हजार अन्य को हवाई मार्ग से तीर्थयात्रा पर भेजा जाएगा. 

राजस्थान: वरिष्ठ नागरिक तीर्थयोजना का लेना है लाभ? 28 जुलाई तक भर सकते हैं ऑनलाइन फार्म
आवेदक का आधार कार्ड भामाशाह कार्ड से जुड़ा होना भी जरूरी होगा. (साभार: देवस्थान विभाग)

जयपुर: देवस्थान विभाग नि:शुल्क वरिष्ठ नागरिक तीर्थयोजना में वित्तिय वर्ष 2018-19 में योजना के तहत बुजुर्गों को हवाईयात्रा के जुमले में फंसाकर यात्रा पूरी नहीं करवा पाया. ऐसे में इस साल यात्रा पूरी करवाना विभाग के लिए चुनौती वाला होगा. वित्तिय वर्ष 2019-20 में पांच हजार बुजर्गों को रेल और पांच हजार अन्य को हवाई मार्ग से तीर्थयात्रा पर भेजा जाएगा. 

देवस्थान विभाग राजस्थान के तत्वावधान में होने वाली वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना-2019 के सोमवार से आवेदन शुरू हो गए हैं. आवेदन 28 जुलाई तक ऑनलाइन भरे जा सकेंगे. इस बार सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारी व उनके जीवनसाथी और सैन्य व पुलिस बलों के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नया प्रावधान किया है. वे भी इस साल तीर्थयात्रा कर सकेंगे लेकिन यात्रा के लिए पात्र होने के साथ वे आयकरदाता नहीं होने चाहिए.

वरिष्ठ नागरिकों तीर्थ यात्रा योजना के तहत तीर्थ पर जाने से पूर्व सीनियर सिटीजंस को अब आवेदन के साथ ही चिकित्सा प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा. इसके साथ ही आवेदक वरिष्ठ नागरिक के साथ जाने वाले सहायक व पति-पत्नी दोनों के पास भामाशाह कार्ड भी होना आवश्यक है. साथ ही आवेदक का आधार कार्ड भामाशाह कार्ड से जुड़ा होना भी जरूरी होगा. आवेदकों को चिकित्सा अधिकारी से बनवाए गए प्रमाण-पत्र को आवेदन भरते समय ही अपलोड करना होगा.

आपको बता दें कि तत्कालीन वसुंधरा सरकार ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना में बुजुर्गों को हवाईजहाज का सपना दिखाकर रेल से यात्रा करा दी. वित्तीय वर्ष 2018-19 में घोषणा के मुताबिक 7 हजार 500 यात्री हवाई और 3 हजार 500 यात्री विभाग को रेल से ले जाने थे. इनमें से महज 3 हजार 293 यात्रियों को ही विमान से ही सफर करवाया गया. जबकि ट्रेन से 3 हजार 500 की बजाय 4 हजार 19 यात्रियों को तीर्थयात्रा पर ले जाया गया.

ऐसे में बुजुर्गों को सरकार से बड़ी उम्मीद थी कि विधानसभा चुनाव के बाद सभी को मौका मिलेगा. लेकिन विभाग ने नाममात्र की उड़ानों में कुछ बुजुर्गों को ही यात्रा करवाई. हवाई यात्रा के लिए आवेदन करने वाले बुजुर्ग हवाई यात्रा का नाम सुनकर ही स्तब्ध हैं. जो निजी कंपनियां तय सीमा में करार होने के बाद हवाईयात्रा के लिए आगे नहीं आई. विभाग उन कंपनियों पर भी कार्रवाई करने की कवायद कर रहा है.

देवस्थान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त दिनेश चन्द्र कोठारी ने बताया कि विभाग विधानसभा चुनाव और आचार संहिता के कारण यात्रा में देरी हुई. समय रहते विभाग का जिन कंपनियों से करार किया गया था, तो वह कंपनियां बुजुर्गों को यात्रा करवा सकती थी, परंतु विभाग ने भी इस ओर सख्ती नहीं दिखाई.

आलाधिकारियों का कहना है कि उक्त कारणों से हवाईयात्रा पूरी नहीं होने के कारण तय कोटे से ज्यादा बुजुर्गों को यात्रा करवाई गई. वहीं, जिन बुजुर्गों ने बीते साल आवेदन किया था, उन्हें इस साल यात्रा में जाने का मौका नहीं मिलेगा. दोबारा से नए आवेदन करने वालों को ही इसमें चुना जाएगा. पिछले साल जयपुर, दौसा के निर्धारित कोटे 1 हजार 022 में से महज 408 बुजुर्गों ने हवाईयात्रा का सफर करवाया गया.

वर्तमान राज्य सरकार ने बुजुर्गों को लुभाने के लिए कई नए तीर्थस्थल को चुना है. ऐसे में यात्री पहली बार विदेश यात्रा भी जा सकेंगे. पशपुतिनाथ सहित अन्य तीर्थ इस बार नए चुने गए हैं. पहले जहां हवाई यात्रा में 6 सर्किट शामिल थे. उन्हें बढ़ाकर 9 कर दिए गए है. वहीं रेल यात्रा में भी 2 नए सर्किट जोड़े हैं. इनमें गोवर्धन, नंदगांव, बरसाना, मथुरा, वृंदावन सर्किट, दिल्ली निजामुद्दीन दरगाह और फतेहपुर सीकरी, आगरा शेख सलीम चिश्ती की दरगाह को शामिल किया है. इसके अलावा पहली बार विदेश यात्रा पर यात्रियों को नेपाल स्थित काठमांडू, पशुपतिनाथ की हवाई यात्रा पर लें जाया जाएगा. इस यात्रा के लिए आवेदन शुरू हो चुका है. साथ ही अधिकारी के साथ जाने वाले क्रमिक यात्रा के लिए व्हाट्स ऐप पर पूरी तरह से हर एक अपडेट करेंगे.