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राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में धांधली के मुद्दे पर एसएफआई ने शुरू किया आंदोलन

पुलिस बचाव में यह कहती रही कि पुलिस पर पथराव किया. पुलिस अधीक्षक डा. गगन दीप सिगला ने बताया कि पुलिस पर पथराव किया इसलिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.

राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में धांधली के मुद्दे पर एसएफआई ने शुरू किया आंदोलन

अशोक शेखावतसीकर: छात्र संघ चुनाव का मतदान शांतिपूर्वक निपटा तो पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली लेकिन पता नहीं था कि पुलिस अधिकारियों की नादानी और जल्‍दबाजी में लिया गया फैसला उनकी राहत में अड़चने पैदा कर देगा. दरअसल हुआ यूं कि राजकीय कल्‍याण कन्‍या कॉलेज में एक मत से एसएफआई की केंडीडेट को हराने को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया. एसएफआई कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य पर धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है. 

प्राचार्य की भूमिका इसलिए भी संदिग्‍ध हो गई क्योंकि प्राचार्य ने कॉलेज में मीडिया के प्रवेश को वर्जित करते हुए अभ्रदता की. जांच की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे एसएफआई के गिने चुने कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने खदेड़ने के बजाए उनपर जमकर लाठियां भांजी हद तो उस समय हो गई जब छात्राओं को पुरूष पुलिसकर्मियों ने जमकर डंडो से पिटाई की. 

इतना ही नहीं पुलिस अधीक्षक डा. गगन दीप सिंगला के नेतत्‍व में पुलिस माकपा पार्टी कार्यालय में घुसी और उनपर जमकर लाठियां भांजी. यहां पूर्व विधायक अमराराम से पुलिस की तू तू मै मै भी हुई. पूर्व विधायक अमराराम ने इस घटना की कड़े शब्‍दों में निंदा की और पुलिस की दमनात्‍मक कारवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. एसपी सहित दोषी पुलिसकर्मियों की बर्खास्‍तगी और मतगणना की जांच और प्राचार्य के ख्लिाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है.

पुलिस बचाव में यह कहती रही कि पुलिस पर पथराव किया. पुलिस अधीक्षक डा. गगन दीप सिगला ने बताया कि पुलिस पर पथराव किया इसलिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. कई पुराने मामले में वांछित भी गिरफ्तार किए गए हैं. पुलिस भले ही अपनी पीठ आरोपियों को गिरफ्तार करने पर थपथपा रही हो लेकिन सच्‍चाई यह भी है कि लाठीचार्ज में सत्‍तर से अधिक लोगों को पकड़ा उसमें कइयों के हाथ पैर टूट गए जिनका उपचार प्राथमिक तौर पर पहले करवाना चाहिए उसके लिए भी पुलिस कई घंटो तक पूछताछ में जुटी रही. 

जब मीडिया और आमजन ऊपर से अधिकारियों का दबाव आने लगा तो आनन फानन में चार चिकित्‍सकों की टीम को कोतवाली थाने लाया गया और कई घायलों का फर्स्‍ट एड किया गया. पुलिस ने कोतवाली को भी अस्‍पताल बना दिया. फिलहाल मामला तूल पकड़ते देख अब पुलिस अधिकारी मीडिया मैनेजमेंट में जुटी है तो मीडिया में पुलिसकर्मियों द्वारा लाठी भांजते और छात्रओं से मारपीट की सुर्खियां बनते देख पुलिस के होश फाख्‍ता हो रहे हैं. वहीं प्रशासनिक अधिकारी इस आग से बचते नजर आ रहे हैं कि कहीं इस आग में वो लपेटे में ना आ जाएं. फिलहाल मामला गर्माता देख पुलिस अधीक्षक ने सब इंस्‍पेक्‍टर और एक पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर किया है.

वहीं अब इस मामले की गंभीरता के चलते सरकार ने कलेक्‍टर से तथ्‍यात्‍मक रिपोर्ट मांगी है तो छात्राओं से मारपीट पर भाजपाइयों ने भी कांग्रेस सरकार पर तंज कसने शुरू कर दिए हैं. जहां पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर माकपाइयों के गुस्‍से को शांत करने की कोशिश की लेकिन माकपाई आर पार के मूड में है और एसपी और दोषी पुलिस अधिकारियेा को बर्खास्‍त करने और मुकदमा दर्ज कराने और जांच कराने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है. फिलहाल लाठीचार्ज से गर्माई राजनीति अब तभी शांत होती नजर आ रही है जब सरकार इस मसले के दोषिायों पर कार्रवाई करेगी वर्ना यह लाठीचार्ज सीकर पुलिस के साथ साथ सरकार के लिए परेशानी का सबब बन सकती है.