बाड़मेर: भेड़ बकरी चराते-चराते शख्स बन गया गोल्डन मैन, शरीर पर है एक किलो सोना

बाड़मेर जिले के उमरलाई गांव के रहने वाले मोहनलाल देवासी को लोग गोल्डन मैन के नाम से जानते हैं. हर कोई उनके साथ सेल्फी खींचना चाहता है.

बाड़मेर: भेड़ बकरी चराते-चराते शख्स बन गया गोल्डन मैन, शरीर पर है एक किलो सोना
देवासी के अनुसार, अब लोग उन्हें गोल्डन मैन कहते हैं.

भूपेश आचार्य, बाड़मेर: इससे पहले गोल्डन मैन के बारे में आपने जरूर सुना होगा खासतौर से बप्पी लहरी के बारे में लेकिन आज हम जिससे आपकी मुलाकात कराने वाले हैं, उसकी कहानी बड़ी दिलचस्प है. वो वहां से आता है, जहां के लोग आज भी ग्रामीण इलाकों में भेड़-बकरियां चराते हैं.

बाड़मेर जिले के उमरलाई गांव के रहने वाले मोहनलाल देवासी को लोग गोल्डन मैन के नाम से जानते हैं. हर कोई उनके साथ सेल्फी खींचना चाहता है.

गोल्डन मैन मोहनलाल देवासी के हाथ और गर्दन में करीब आधा किलो से ज्यादा सोना है. ऐसी कोई अंगुली नहीं है, जिसमें सोने की रिंग नहीं पहनी हुई हो. 10 अंगुलियों में 10 अंगूठियां पहनी हुई हैं तो हाथ पूरे सोने से भरे रहते हैं. यह सब मोहनलाल देवासी को 20 सालों से हैं. लिहाजा वह गोल्डन मैन के नाम से जाने जा रहे हैं.

मोहनलाल देवासी की कहानी बड़ी इंटरेस्टिंग है. गांव में रहने वाले मोहनलाल देवासी पढ़ाई में कोई रुचि नहीं रखते थे. घरवालों का पुश्तैनी धंधा पशुपालन था तो हमेशा छोटी उम्र में भेड़-बकरियां चराया करते थे लेकिन आखिर कुछ बड़ा करने के सपने को लेकर मोहनलाल देवासी पूना चले गए, जहां पर पहले तो हलवाई का काम किया. उसके बाद किराने की दुकान पर नौकरी की और आखिर खुद का एक गेस्ट हाउस को लिया जो कि लगातार पिछले 15 साल से चल रहा है. शुरू से ही सोना पहनने का शौक था. लिहाजा धीरे-धीरे सोना इकट्ठा करते गए. बता दें कि आज भी मोहनलाल देवासी के परिवार वाले भेड़ बकरियां चलाते हैं.

golden man

मोहनलाल देवासी बताते हैं कि जिस तरीके से आज भी उनका समाज बहुत पिछड़ा है. इस बात का होना बेहद दुख है. वह हमेशा समाज के लिए कुछ न कुछ करते रहते हैं. देवासी के अनुसार, अब लोग उन्हें गोल्डन मैन कहते हैं. अब वो कुछ नया करने के बारे में सोच रहे हैं.