SHO सुसाइड केस: विष्णुदत्त ने लिखे थे 2 सुसाइड नोट, पढ़ते ही छलक जाएंगी आंखें

जानकारी के अनुसार, आत्महत्या से पहले विष्णुदत्त विश्नोई ने 2 सुसाइड नोट  लिखे थे. एक सुसाइड नोट माता-पिता और दूसरा एसपी के नाम लिखा था. 

SHO सुसाइड केस: विष्णुदत्त ने लिखे थे 2 सुसाइड नोट, पढ़ते ही छलक जाएंगी आंखें
विष्णुदत्त विश्नोई चूरू के राजगढ़ थाने में एसएचओ थे.

जयपुर: राजस्थान के चूरू जिले की सादुलपुर तहसील मुख्यालय के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई ने आत्महत्या कर ली है. यह खबर बाजार में आग की तरह फैल गई. विष्णुदत्त विश्नोई क्षेत्र के आमजन का चाहेते थानाधिकारी रहे हैं. इस कारण राजगढ़ थाने के सामने काफी संख्या में भीड़ एकत्रित हो गई. 

जानकारी के अनुसार, आत्महत्या से पहले विष्णुदत्त विश्नोई ने 2 सुसाइड नोट  लिखे थे. एक सुसाइड नोट माता-पिता और दूसरा एसपी के नाम लिखा था. सुसाइड नोट में एसएचओ ने किसी पर भी आरोप नहीं लगाया है. एसपी को संबोधित करते हुए विष्णुदत्त विश्नोई ने लिखा कि माफ करना, चारों ओर इतना प्रेशर है कि मैं तनाव नहीं झेल पाया. मैंने अंतिम सांस तक राजस्थान पुलिस को सर्वोत्तम देने का प्रयास किया. मैं बुजदिल नहीं था. बस अपना तनाव नहीं झेल पाया. माता-पिता से भी माफी मांगते हुए विष्णुदत्त ने खुद को ही गुनाहगार बताया है. 

बता दें कि विष्णुदत्त विश्नोई चूरू के राजगढ़ थाने में एसएचओ थे. शुक्रवार को इलाके में हुई एक हत्या के मामले में देर रात तक वह जांच कर रहे थे और उसके बाद में अपने सरकारी क्वार्टर में पहुंचे और वहां पर आत्महत्या कर ली. सीआई विष्णुदत्त विश्नोई ने दो सुसाइड नोट भी लिखे हैं. एक में एसपी को संबोधित करते हुए उन्होंने तनाव और अपने ऊपर बढ़ता दबाव आत्महत्या का कारण बताया. वहीं उन्होंने यह भी लिखा कि वह कायर नहीं हैं, लेकिन मजबूरी के चलते यह कदम उठाना पड़ रहा है. वहीं, दूसरा पत्र उन्होंने अपने माता-पिता को संबोधित करते हुए लिखा हालांकि उन्होंने किसी पर भी आरोप नहीं लगाया.

आत्महत्या की घटना के बाद में एक सोशल एक्टिविस्ट ने एक दिन पहले व्हाट्सएप पर हुई चैट वायरल की, जिसमें लिखा था कि विष्णु दत्त शर्मा दबाव में है और वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेना चाहते हैं. सोशल एक्टिविस्ट का आरोप है कि विष्णुदत्त शर्मा ने दबाव में आकर आत्महत्या की है, जिसकी जांच की जानी चाहिए. घटना के बाद में राजगढ थाने के बाहर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी जमा हो गई, जिन्होंने मामले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की.