जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शुभा मुद्गल ने रियालिटी शो पर उठाए बड़े सवाल...

शुभा मुद्गल ने कहा 'मुझे नहीं लगता की रियेलिटी शो में जजेसपार्टीसिपेंट के साथ अनफेयर होते हैं. यहां से भी बहुत अच्छा टैलेंट निकलकर बाहर आ रहा है, जिन्हें सुनने का मन करता है

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शुभा मुद्गल ने रियालिटी शो पर उठाए बड़े सवाल...
जयपुर साहित्य उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी से हो चुका है

राजस्थान: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में दूसरे दिन की शुरुआत गायक शुभा मुद्गल के सेशन के साथ हुई. उन्होंने सुधा सदानंद के साथ अपनी किताब पर बात की. उन्होंने रियालिटी शो पर बात करत हुए कहा कि आप टैलेंट शो में अच्छी आवाज सुनते हैं, लेकिन सालभर बाद वो गायक कहीं नहीं होते, ये दुखद है.

शुभा मुद्गल ने कहा 'मुझे नहीं लगता की रियेलिटी शो में जजेस पार्टीसिपेंट के साथ अनफेयर होते हैं. यहां से भी बहुत अच्छा टैलेंट निकलकर बाहर आ रहा है, जिन्हें सुनने का मन करता है. वो आपको कई बार अपनी गायकी से हैरान कर देते हैं. लेकिन, कभी किसी ने उनसे पूछा की शो के तीन महीने बाद वो कैसे हैं.

साथ ही शुभा मुद्गल ने यह भी कहा कि 'क्या किसी ने जाना की शो खत्म होने के 3 साल बाद उनके साथ क्या हुआ. क्या उन्होंने संगीत की दुनिया में कोई मुकाम हासिल किया? उन्होंने शो से संगीत के बारे में कुछ सीखा क्या?आज सिंगर्स वहीं गाते है जहां उनके मैनेजर चाहते हैं. टैलेंट शो पर मुझे आपत्ति नहीं है'.

लेकिन, मुझे पसंद नहीं की एक संगीतकार कॉनट्रेक्ट में बंधकर अपने संगीत में प्रोग्रेस करने का समय ही न दे पाए. जिस पर काम करने की जरूरत है. सेशन में शुभा मुद्गल ने सीखो ना नैंनो की भाषा पिया गाना गुनगुनाकर श्रोताओं का दिल जीत लिए.

गौरतलब है कि, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का शुभारंभ 23 जनवरी से हो चुका है और यह 27 जनवरी तक जारी रहेगा. इस बार इसमें कई रोचक व मजेदार सत्र होंगे जिनमें कुछ ऐसे विषय शामिल हैं जिन पर चर्चाएं होती रही हैं, जैसे कि कश्मीर मुद्दा, भारतीय संविधान, विवेकानंद, सावरकर और पटेल. समारोह में टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजय रॉय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जेएलएफ का बहुत महत्व है जब अंध-राष्ट्रीयता का दुनिया में शासन है.