सीकर: चिटफंड कंपनी ने 67 लाख ठगे, पुलिस ने मामला किया दर्ज

झांसे में आकर मदनलाल गढ़वाल ने अपने रिश्तेदार अपने भाई और मिलने वालों के करीब 67 लाख रुपये कंपनी के एसबीआई- कैनरा बैंक के खाते में जमा करा दिए.

सीकर: चिटफंड कंपनी ने 67 लाख ठगे, पुलिस ने मामला किया दर्ज
फाइल फोटो

सीकर: चिटफंड कंपनी में निवेश कर ज्यादा मुनाफा देने के नाम पर 67 लाख की ठगी करने का मामला सीकर में सामने आया है. कंपनी ने शेखावाटी सहित जयपुर, नागौर, दोसा सहित कई जिलों में कई करोड़ों रुपए की ठगी की है. कंपनी ने इसके लिए वेबसाइट बना रखी है, जिस पर डायमंड में सोने की अंगूठी देने के साथ निवेश करने पर 10 महीने तक हर माह 10% कमीशन देने का झांसा देते थे. 

कंपनी ने दिल्ली और जयपुर में ऑफिस खोल रखा है. इस संबंध में त्रिलोकपुरा रानोली निवासी मदन लाल गढ़वाल ने कोतवाली थाने में कंपनी के पांच डायरेक्ट और एक डायरेक्ट की पत्नी के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कराया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि सुरेंद्र यादव ने नवंबर 2017 में उसे डायमंड कंपनी के बारे में बताया और उसे कंपनी से अच्छा मुनाफा मिलने की बात कही. तब वह अपने रिश्तेदार बजरंग लाल महिपाल के साथियों के साथ मुरलीपुरा, जयपुर ऑफिस में गए. वहां कंपनी मालिक राजमोहन और दिनेश सैनी से वह मिले.

उन्होंने निवेश करके मुनाफा कमाने का लालच दिया. साथ ही कहा कि मोटी रकम निवेश करने पर कंपनी निवेशकों के रूप में लोगों को शामिल कर लेती है. 10% मुनाफा हर महीने कमाने का झांसा दिया और 3 हजार रुपये से लेकर एक लाख तक निवेश के प्लान बताएं. निवेश करने पर लोगों को डायमंड और सोने की अंगूठी देने का भी लालच दिया. निवेश के बाद कंपनी में पहले नए सदस्य शामिल करने पर 25% दूसरे पर 20% और तीसरे पर 15% कमीशन देने की बात कही. 

झांसे में आकर मदनलाल गढ़वाल ने अपने रिश्तेदार अपने भाई और मिलने वालों के करीब 67 लाख रुपये कंपनी के एसबीआई- कैनरा बैंक के खाते में जमा करा दिए. बृजमोहन सैनी की पत्नी घर बुलाकर उन्हें निवेश का प्लान समझाती थी. शुरू में कुछ समय खाते में हर महीने 10% कमीशन आता रहा. बाद में रुपये मिलना बंद हो गया. 

इन सभी लोगों ने मांग की है कि इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें. उनकी रकम वापस दिलाई जाए और ऐसे ठगी करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो. कोतवाली थाने के जांच अधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.