आनंदपाल गैंग के सरगना गैंगस्टर बलबीर बानूड़ा का बेटा गिरफ्तार, ठेहट गैंग पर फायरिंग में आया था नाम

Anandpal Gang: आनंदपाल गैंग के सरगना और गैंगस्टर बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष बानूड़ा को सीकर की सदर थाना पुलिस ने इसी सप्ताह गिरफ्तार कर लिया है.

आनंदपाल गैंग के सरगना गैंगस्टर बलबीर बानूड़ा का बेटा गिरफ्तार, ठेहट गैंग पर फायरिंग में आया था नाम
Image Credit: Subhash Banuda arrested

Anandpal Gang: आनंदपाल गैंग के सरगना और गैंगस्टर बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष बानूड़ा को सीकर की सदर थाना पुलिस ने इसी सप्ताह गिरफ्तार कर लिया है. सुभाष ने राजू ठेहट गैंग के मनोज ओला पर पिछले महीने हुई फायरिंग के मामले में कोर्ट में सरेंडर किया था, उसके बाद से सुभाष बानूड़ा जेल में था.

सीकर सदर थाना अधिकारी इंद्राज मरोडिया ने बताया कि पुलिस ने उसे 2018 के आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में सीकर सदर थाना पुलिस ने 10 दिसंबर को प्रौडिक्सन वारंट पर गिरफ्तार किया है. उसे न्यायालय मैंपेश किया जहां से उसे 11 दिसंबर को जेल भेज दिया गया है.

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गौरतलब है कि सीकर की सदर थाना पुलिस ने 18 मार्च 2018 की रात को 2 बजे नाकाबंदी के दौरान बाइक सवार नरेश कुमार और चंद्रभान को गिरफ्तार किया था. दोनों की जेब से एक-एक पिस्टल मिली थी. उनके पास जो बैग था, उसमें से पांच पिस्टल और कई मैगजीन मिली थी. दोनों को गिरफ्तार किया गया.

दोनों से पूछताछ के बाद मामले में मनोज कुमार बुरड़क की भी गिरफ्तारी हुई थी. इस मामले में आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल को भी आरोपी बनाया गया था. क्योंकि सुभाष बराल ने ही सुभाष बानूड़ा को हथियार देने के लिए भेजे थे. पुलिस ने मामले में कोर्ट में तीन आरोपी चंद्रभान, नरेश और सुभाष बराल के खिफ चालान पेश किया था. इस मामले में सुभाष बानूड़ा फरार था.

हालांकि इस मामले में कोर्ट ने 4 नवंबर 2025 को फैसला सुनाते हुए नरेश और मनोज को बरी कर दिया था और चंद्रभान की 2023 में ही मौत हो चुकी है. पुलिस ने इस मामले में सुभाष बानूड़ा को सीआरपीसी की धारा 173 (8) के तहत मुजरिम माना था. क्योंकि गिरफ्तार हुए आरोपियों ने बताया था कि यह हथियार बराल ने उन्हें सुभाष बानूड़ा को देने के लिए कहा था. इसी मामले में सदर पुलिस ने बानूड़ा को गिरफ्तार किया है.

18 मार्च 2018 में हथियारों का जखीरा मिलने के बाद ही सुभाष बानूड़ा ने अपने साथी रामनिवास, संदीप सैनी, नटवरलाल, चचेरे भाई पवन और सीताराम सेवदा के साथ मिलकर 9 अगस्त 2018 को दुकान पर बैठे हुए राजू ठेहट गैंग के मनोज ओला पर फायरिंग की थी. इसमें उसे छह गोलियां लगी थीं.

मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके कोर्ट में चालान पेश कर दिया, लेकिन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 20 अगस्त 2025 को सुभाष बानूड़ा और 31 अक्टूबर 2025 को सीताराम सेवदा को फरार घोषित कर दिया गया था. क्योंकि दोनों ही केस की तारीखों पर नहीं पहुंच रहे थे. नवंबर 2025 में 18 से 20 तारीख के बीच मनोज ओला पर फायरिंग करने के मामले में सुभाष बानूड़ा ने सीकर की कोर्ट में सरेंडर किया था.

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Aman Singh

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