Trending Photos

Fatehpur, Sikar News: देश के सबसे प्रतिष्ठन संस्थान इसरो के पूर्व प्रमुख एएस किरन कुमार ने फतेहपुर कस्बे के गोयनका मंदिर में दर्शन किए और मनौती मांगी. इस मौके पर मंदिर प्रबंधक राकेश शर्मा मुनीम, गौरव गोयनका, विनीत गोयनका, सुमित्रा गोयनका ओमप्रकाश सोमानी आदि ने किरन कुमार का स्वागत किया.
इस दौरान किरन कुमार ने कहा कि इसरो ने पूरे विश्व में देश का मान बढ़ाया है और स्पेस टेक्नोलॉजी में हम विश्व के सबसे प्रमुख पांच देशों में से एक हैं. चन्द्रयान 2 की असफलता के बाद भी आगे की हमारी प्रगति और सफलता, पूरे विश्व के लिए एक अचम्भा है.
उन्होंने कहा कि चन्द्रमा के बाद हम मंगल पर भी शीध्र ही कदम रखने में सफल होंगे. चन्द्रयान 2 की असफलता पर किरन कुमार ने कहा कि व्यक्ति को अपनी असफलताओं से डरना नहीं चाहिए बल्कि अपनी गलतियों का विश्लेषण कर सुदृठ कार्यनीति बनाकर कार्य करना चाहिए. सफलता और असफलता, वैज्ञानिक खोजों में साथ-साथ चलती हैं और यह जीवन का अभिन्न अंग है.
बता दें कि एएस किरन कुमार, इसरो के 2015 से 2018 तक चीफ रहें. इनकी गिनती देश के सबसे बड़े वैज्ञानिकों में होती है. एएस किरन कुमार को भारत सरकार ने साल 2014 में देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पदम श्री से सम्मानित किया था. चन्द्रयान-1 के लिए साल 2013 में सम्मानित किया गया था. इसके अतिरिक्त फ्रांस सरकार ने साल 2019 में सम्मानित किया था.
साल 2018 में उन्हें इंटरनेशनल वोन करमन विंग अवार्ड से सम्मानित किया गया था. इसरो इंडिव्यूजल अवार्ड से 2006 में , भास्करा अवॉर्ड ऑफ आईएसआईएस से 2007 में, इसरो फरफोरमेंस एक्सीलेंस अवॉर्ड से 2008 में सम्मानित किया गया था. इसके अतिरिक्त किरन कुमार को अन्य कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है.
किरन कुमार के नेतृत्व में ही भारत ने एक साथ 144 सेटेलाइट लांच किए थे. मंगल यान के लिए मार्स ऑर्बिटर स्पेसक्राफ्ट के निर्माण में उनका उल्लेखनीय योगदान था. चन्द्रयान एक की सफलता के लिए उन्हें सम्मानित किया गया था.