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Sikar News: जिले के श्रीमाधोपुर के न्यायालय परिसर में स्थित बालाजी मंदिर को देर रात जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से प्रतिमाओं सहित तोड़ दिया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. घटना को लेकर अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध जताते हुए धरना शुरू कर दिया है.sx
जानकारी के अनुसार, यह मंदिर न्यायालय भवन में मौजूद था. कोर्ट संचालन शुरू होने के बाद अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों ने मिलकर मंदिर का पुनर्जनोद्धार कराया था और विधि-विधान से प्रतिमाओं की स्थापना की थी. देर रात जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर पूरे मंदिर को ढहा दिया तथा प्रतिमाओं को खंडित कर दिया.
मंदिर तोड़े जाने की सूचना मिलते ही अधिवक्ता मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया. अधिवक्ताओ का आरोप है कि घटना न्यायिक अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में हुई. विरोध के दौरान ट्रैक्टर और जेसीबी के चालक मौके से फरार हो गए. अधिवक्ताओं ने वाहनों के टायरों की हवा निकाल दी और अपनी गाड़ियां आड़ी-तिरछी लगाकर उन्हें रोक लिया.
अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि मंदिर हटाने को लेकर कोई आदेश था, तो दिन में बातचीत कर प्रतिमाओं को सम्मान पूर्वक दूसरी जगह स्थापित किया जा सकता था. मंदिर तोड़ने के कारण का फिलहाल पता नहीं चल पाया है. इस घटना के विरोध में न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं का धरना जारी है.
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Sikar News: श्रीमाधोपुर इलाके के अजितगढ़ में माकपा कार्यकर्ताओं ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर विद्युत विभाग के कार्यालय पर 6 घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपा गया.
इसमें स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद करने, बिजली का निजीकरण रोकने, घरेलू नए कनेक्शनों पर 100 यूनिट प्रति माह की छूट, किसानों को मांगते ही कृषि कनेक्शन देने और कृषि के लिए दिन में 6 घंटे लगातार बिजली आपूर्ति करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं. ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल फेज बिजली 24 घंटे दी जाए, 33 केवी के सभी पावर हाउस पर सरकारी कर्मचारी नियुक्त किए जाएं और ठेका प्रथा बंद हो.
साथ ही विद्युत कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए अलग बजट जारी करने, जिन उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, उनके पुराने मीटर पुनः लगाने, 15 साल या 50 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों की छंटनी रोकने और सीकर जिले में आरा मशीनों के लाइसेंस जारी करने की मांगें भी रखी गईं.
माकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में माकपा कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे.
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