शेखावाटी के स्कूलों में होगी मातृभाषा के शब्दों में पढ़ाई, कहेंगे 'औरत को लुगाई', 'इंसान को मिनख'

Sikar News: शेखावाटी के प्राथमिक स्कूलों के बच्चे को शेखावाटी की बोलचाल की भाषा में प्रचलित शब्दों में पढ़ाया जाएगा. आमबोल चाल के शब्दों का शब्दकोश तैयार किया गया है, जिससे बच्चो को पढ़ाया जाएगा, जिसमें बच्चे औरत को लुगाई, आग को बासते और इंसान को मिनख जैसे स्थानीय शब्दों में भी पढ़ते नजर आएंगे.
 

शेखावाटी के स्कूलों में होगी मातृभाषा के शब्दों में पढ़ाई, कहेंगे 'औरत को लुगाई', 'इंसान को मिनख'
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Sikar News: नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक कक्षाओं में मातृभाषा में शिक्षा देने की नीति लागू होने के चलते यह पढ़ाई होगी. इसके तहत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान ने प्रदेश में संभागवार भाषाई सर्वेक्षण करवाकर स्थानीय भाषा के शब्द कोष तैयार करवाए गए हैं. सीकर डाइट की पाठ्यक्रम सामग्री निर्माण एवं मूल्यांकन शाखा ने शेखावाटी के लिए अलग शब्द कोष बनाया गया है. अंग्रेजी और हिंदी के साथ 524 स्थानीय शब्दों वाले इस कोष का उपयोग अब प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को आसान भाषा में विषय समझाने के लिए होगा.


नई शिक्षा नीति के तहत हुए सर्वेक्षण में प्राथमिक कक्षा के बच्चों और उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षक की भाषा की जानकारी ली गई. जिसमें बच्चों के नाम के साथ उनके घर की भाषा, शिक्षक की भाषा, स्कूल का माध्यम, माध्यम भाषा को समझने और बोलने की विद्यार्थियों की क्षमता का स्तर आदि का सर्वे करवाया गया, उसे शाला दर्पण पर अपलोड करवाया गया था. उसी के आधार पर ये शब्दकोश तैयार किया गया है.

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कौनसे शब्दों को किया गया है शामिल
शेखावाटी में शोर को रोला, आदत को बाण, इधर को अठीने, इंतजार को उडीकणो, इकट्ठा को भेळो व सांवठो, अध्ययन को पढ़णो, आवास को ठिकाणो, इतना को अतरो, इनकार को नटणो, इसके लिए को इकैताई सरीखे 524 शब्द शामिल किए गए हैं. भारतीय भाषा सर्वेक्षण के तहत राजस्थान में 30 भाषाओं को लेकर सर्वेक्षण किया गया है. इनमें शेखावाटी के अलावा मारवाड़ी, थली, सांसी, बंजारा, गवारिया, मोटवाड़ी, देवड़ावाटी, खेराड़ी, हाडौती, वागड़ी आदि शामिल रही.

विश्व के कई देश मातृभाषा में शिक्षा दे रहे हैं. इनमें जापान, जर्मनी, इटली, इजराइल, चीन, रूस सहित कई देश शामिल है. युनेस्को भी मातृभाषा में पढ़ाई की पैरवी कर चुका है. कई राष्ट्रीय व अर्न्तराष्ट्रीय शोध भी पढऩे- समझने के लिहाज से मातृभाषा में शिक्षा की वकालत कर चुके हैं. जिसके बाद से कई देश इस पर काम कर रहे हैं.

प्राथमिक शिक्षा में स्थानीय भाषा का प्रयोग नई शिक्षा नीति 2020 की वजह से किया जा रहा है. 34 वर्षों बाद बनी इस नीति में माना गया कि बच्चा स्थानीय भाषा में विषयों को आसानी से व जल्दी सीख सकता है. इसी नीति को ध्यान में रखते हुए स्थानीय शेखावाटी भाषा को महत्व दिया जा रहा है.

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Sandhya Yadav

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संध्या यादव एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 8 वर्षों का एक्सपीरिएंस है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. संध्या की मुख्य Expertise राजस्थान की क्षेत्रीय राजनीति, क्राइम, प्रशासनिक फैसलों और हाइपरलोकल खबरों की सटीक एवं इन-डेप्थ कवरेज में है. लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है. आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे एक्स (https://x.com/Journosandhya) और लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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