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Rajasthan News: सीकर जिले की पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 ने एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. यह मामला दो नाबालिग सगी बहनों से गैंगरेप से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने दोषी पाए गए छह आरोपियों को कठोर सजा सुनाई है. कोर्ट ने पांच आरोपियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा दी है, जबकि एक आरोपी को 7 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है. साथ ही सभी आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया है.
यह मामला 10 अप्रैल 2018 का है, जब सीकर जिले के एक गांव में रहने वाले पीड़ित पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. उन्होंने बताया कि उनकी दो नाबालिग बेटियां, जिनकी उम्र क्रमशः 14 और 15 वर्ष थी, 8 अप्रैल को सुबह 11 बजे घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटी. दोनों बहनें सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा की छात्राएं थीं और उनके पास एक मोबाइल फोन भी था.
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और लगभग 15 दिन बाद दोनों लड़कियों को दस्तयाब कर लिया. जांच में सामने आया कि दो नाबालिग लड़कों और एक अन्य युवक ने दोनों लड़कियों के साथ दुष्कर्म किया था. इसके अलावा एक आरोपी ने लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की साजिश रची थी. दो अन्य आरोपियों के घरों में इन नाबालिग बहनों के साथ गैंगरेप किया गया था.
मामले में पुलिस ने गहन जांच कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और दो नाबालिगों को डिटेन किया, जो अब बालिग हो चुके हैं. अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 26 गवाह और 36 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए. विशिष्ट न्यायाधीश आशा कुमारी ने मामले में दोषियों को सजा सुनाते हुए पीड़िताओं को राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि दिलवाने के निर्देश भी दिए. सरकार की ओर से इस केस की पैरवी विशेष लोक अभियोजक भवानी सिंह जेरठी ने की, जबकि पीड़ित पक्ष की ओर से एडवोकेट मोहनलाल चिरानियां ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की.