&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Rajasthan Weeding: तेजी से बदलते दौर में जहां शादी-विवाह में आधुनिकता और दिखावे की चमक बढ़ती जा रही है. वहीं, सिरोही जिले के पिंडवाड़ा क्षेत्र से एक अनोखी मिसाल सामने आई है. घांची समाज के बोराणा परिवार ने अपने बेटे की शादी दस बैलगाड़ियों की पारंपरिक बारात के साथ निकालकर मारवाड़ की सदियों पुरानी संस्कृति को एक बार फिर जीवंत कर दिया.
सिरोही के पिंडवाड़ा की ऐतिहासिक गलियों में बुधवार को एक अद्भुत नजारा देखने को मिला. भैराराम जी बोराणा द्वारा आयोजित विवाह समारोह में जब दस पारंपरिक बैलगाड़ियों की बारात निकली, तो पूरा क्षेत्र लोक रंग में रंग गया. ढोल-ढमाकों की गूंज, मारवाड़ी लोक धुनें और पारंपरिक वेशभूषा में सजे बाराती. हर दृश्य मानो मारवाड़ की पुरानी संस्कृति का जीवंत चित्र बन गया.
बारात जब गांव से रवाना हुई, तो देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी. परिवार की यह पहल ग्रामीणों को इतनी पसंद आई कि इसे समाज की संस्कृति को बचाने की दिशा में बड़ा कदम बताया गया.
बैलगाड़ियों की यह अनोखी शोभायात्रा न केवल परंपरा का सम्मान है, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए संदेश भी है कि आधुनिकता के दौर में भी हमारी जड़ें और संस्कृति उतनी ही महत्वपूर्ण हैं. ऐसे आयोजन यह याद दिलाते हैं कि संस्कृति जितनी जीवंत रहेगी, समाज उतना ही मजबूत बनेगा.
पिंडवाड़ा से निकली दस बैलगाड़ियों की यह अनूठी बारात सिर्फ एक विवाह नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक बन गई है और यह बताती है कि परंपराओं का सम्मान हो तो सादगी भी उत्सव बन सकती है.
इस अनोखी बारात जिसने मारवाड़ की संस्कृति को एक नए रूप में पुनर्जीवित किया. ऐसी पहलों से समाज न सिर्फ अपनी जड़ों से जुड़े रहता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी समृद्ध विरासत से परिचित कराता है.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Sirohi News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!