प्रवासी मजदूरों के भविष्य को लेकर गहलोत सरकार गंभीर, जल्द शुरू होंगे कौशल कार्यक्रम

राजकौशल पोर्टल के जरिए मजूदरों और उद्योगों की आवश्यकताओं को एक मंच पर लाया जा रहा है. 

प्रवासी मजदूरों के भविष्य को लेकर गहलोत सरकार गंभीर, जल्द शुरू होंगे कौशल कार्यक्रम
उद्योगों को सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद करने की कार्ययोजना बना रही है.

जयपुर: राजस्थान सरकार अन्य राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों के भविष्य को लेकर गंभीर है. प्रदेश के 22 जिलों में कौशल कार्यक्रम शुरू होंगे. भारत सरकार की मदद से यह कौशल पाठ्यक्रम 16 जुलाई से शुरू होंगे. साथ ही राजकौशल पोर्टल के जरिए मजूदरों और उद्योगों की आवश्यकताओं को एक मंच पर लाया जा रहा है. 

फिक्की राजस्थान की स्किल समिट में उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने कहा कि मजदूरों को उनकी योग्यता और कौशल के हिसाब से रोजगार देने की तैयारी है. जो प्रवासी मजदूर अपनी कुशलता किसी क्षेत्र में बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रदेश में कोशिश रहेगी की लॉकडाउन के बाद औद्योगिक उत्पाद की रफ्तार में सुधार हो, इसके लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं.

फिक्की राजस्थान की ओर से आयोजित तीसरे राजस्थान कौशल शिखर सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने कहा कि सरकार लॉकडाउन और चरणबद्ध अनलॉक के बीच उद्योगों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में गंभीर है और आने वाले समय में उद्योगों को सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद करने की कार्ययोजना बना रही है. 

नीतिगत प्रयासों, नवाचार और बेहतर प्रबंधन के साथ प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार संभावनाओं को बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को केवल तकनीकी सहयोग के साथ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पादों और सेवाओं के निर्माण के साथ कुशल मानव संसाधन की तरफ कदम बढ़ाने होंगे.

प्रवासी मजूदरों का प्रशिक्षण 16 जुलाई 2020 से शुरू होगा
समिट में सचिव, श्रम, कौशल, रोजगार और उद्यमिता नीरज के पवन ने कहा कि चार प्रमुख पहल राजस्थान सरकार ने रोजगार संभावनाओं और औद्योगिक अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए की है. इसके लिए लगभग 52 लाख मजदूरों और 11 लाख उद्योगों के आंकड़ों के साथ राज कौशल पोर्टल का गठन किया गया है, बड़े उद्योगों, उद्योग संघों और विश्वविद्यालयों को सीधे आरएसएलडीसी के जरिए जोड़ा गया है, जहां प्रवासी श्रमिक 25,000 से अधिक हैं, वहां प्रवासी मजदूरों का डेटा भारत सरकार के पोर्टल और 22 जिलों में अपलोड किया गया है. इन क्षेत्रों में प्रवासी मजूदरों का प्रशिक्षण 16 जुलाई 2020 से शुरू होगा.

वेबीनार के जरिए हुई फिक्की राजस्थान की स्किल समिट को कई इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने संबोधित किया. सभी ने वर्तमान स्थिति में औद्योगिक संभावनाओं के साथ रोजगार बचाए रखने और प्रवासी मजूदरों को रोजगार देने की नीतिगत पहल करने पर जोर दिया.