राजस्थान: AIIMS की तर्ज पर विकसित होगा SMS अस्पताल, होंगी यह खास सुविधाएं...

अशोक गहलोत सरकार इस अस्पताल को आने वाले समय को देखते हुए दिल्ली के एम्स व अन्य विश्व स्तरीय अस्पतालों जैसा बनाने जा रही है.

राजस्थान: AIIMS की तर्ज पर विकसित होगा SMS अस्पताल, होंगी यह खास सुविधाएं...
अस्पताल को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत विश्व स्तरीय बनाने की तैयारियां की जा रही है.

ललित कुमार/जयपुर: राजस्थान के सबसे बड़े अस्पताल एसएमएस (SMS) को विश्व स्तरीय सुविधाओं वाला अस्पताल बनाने का काम शीघ्र शुरु होने जा रहा है. केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट (Smart City Project) के तहत प्रदेश की अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार इस अस्पताल को आने वाले समय को देखते हुए दिल्ली के एम्स (AIIMS) व अन्य विश्व स्तरीय अस्पतालों जैसा बनाने जा रही है. इसको लेकर सोमवार को नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने अस्पताल का दौरा कर जायजा लिया.

दरअसल, प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल एसएमएस के आने वाले दिनों में दिन फिरते हुए नजर आएंगे. राज्य सरकार की ओर से इस अस्पताल को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत विश्व स्तरीय बनाने की तैयारियां की जा रही है. इन्हीं तैयारियों को लेकर नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के बीच गहन मंथन चला और बाद में दोनों मंत्रियों ने अपनी टीम के साथ एसएमएस अस्पताल का दौरा किया.

दोनों मंत्रियों ने कहा कि आने वाले समय की जरुरतों को देखते हुए और आम व्यक्ति के लिए चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में यह कार्य अहम होगा. स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले इस काम में कॉलेज वार्ड को तोड़कर 15 मंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा. इसके साथ ही एसएमएस में वर्ल्ड क्लास आीपीसी टावर भी बनाया जाएगा. 150 अत्याधुनिक कॉलेज वार्ड, 15 मंजिला इमारत में जांच से लेकर भर्ती और ऑपरेशन का इंतजाम भी होगा.

क्या होगा खास?
-परिसर के 68 कॉटेज को तोडकर बनेगी 15 मंजिला इमारत एसएमएस अस्पताल में बनेगा.
-150 नए अत्याधुनिक कॉटेज वार्ड बनाए एसएमएस परिसर में वर्ल्ड क्लास आईपीसी टावर.
-15 मंजिला इमारत में जांच से लेकर भर्ती और ऑपरेशन का इंतजाम होगा.
-न्यूक्लियर मेडिसिन डिपार्टमेंट और स्पोर्ट्स मेडिसिन डिपार्टमेंट बनेगा.
-जिरयेटिक मेडिसिन डिपार्टमेंट भी होगा नए टावर में
-कॉर्डियोलॉजी का नया अत्याधुनिक अस्पताल होगा जो इमरजेंसी से सीधे जुड़ा होगा.
-नई मोर्चरी के साथ एक सर्वधर्म प्रार्थना सभा स्थल भी बनेगा परिसर में.

अस्पताल की इस प्रोजेक्ट को तैयार करने वाले प्राचार्य डा. सुधीर भंडारी की मानें तो यह प्रोजेक्ट देश के लिए एक मिसाल होगा और आने वाले समय की जरुरतों पर खरा उतरेगा. वहीं, स्मार्ट सिटीज के चेयरमेन भवानी देथा ने इस बात का दावा किया कि दो साल में इस प्रोजेक्ट को बनाकर हम जनता को सुपुर्द करेंगे.

एसएमएस अस्पताल में प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों से मरीज अपना इलाज करवाने पहुंचते है. एम्स और विश्वस्तरीय अस्पताल की तरह सेवाएं विकसित होने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को स्वास्थय लाभ लेने में खासा लाभ मिलेगा.