जल्द सौर ऊर्जा से रोशन होंगी राजस्थान की सभी कृषि उपज मंडियां, CM गहलोत ने लिया फैसला

राजस्थान की मंडियों को रोशन करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बड़ा फैसला लिया है. राजस्थान की सभी मंडियां और उप मंडिया सौर ऊर्जा से रोशन होंगी. 

जल्द सौर ऊर्जा से रोशन होंगी राजस्थान की सभी कृषि उपज मंडियां, CM गहलोत ने लिया फैसला
राजस्थान की सभी मंडियां और उप मंडिया सौर ऊर्जा से रोशन होंगी.

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अहम फैसले के चलते राजस्थान की कृषि उपज मंडियों के दिन सुधारने वाले हैं. अब राजस्थान की सभी कृषि उपज मंडी या और उप मंडियां सौर ऊर्जा से रोशन हो सकेंगी. इसके अलावा जयपुर की मुहाना फल सब्जी मंडी में भी जल्द ही कचरा संयंत्र लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है.

राजस्थान की मंडियों को रोशन करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बड़ा फैसला लिया है. राजस्थान की सभी मंडियां और उप मंडिया सौर ऊर्जा से रोशन होंगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए राजस्थान की सभी मंडियों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

राजस्थान में जिन कृषि मंडी और उप मंडियों के पास सोलर प्लांट की स्थापना के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है. वहां कैपेक्स मोड के माध्यम से संयंत्र लगाए जाएंगे. इस प्रक्रिया में विभिन्न बैंकों से संयंत्र लगा लगाने की लागत राशि पर 70 से 80% तक ऋण प्राप्त किया जा सकेगा, जिन मंडी समितियों के पास बजट उपलब्ध नहीं है. वहां सोलर प्लांट की स्थापना का काम रेस्को मोड से होगा. 

इन संयंत्रों की स्थापना के लिए 12.32 करोड रुपये के प्रस्ताव के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है. इस निर्णय से इन संयंत्रों की स्थापना जल्दी होगी और मंडियों में उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध हो पाएगी.

33.37 करोड़ की लागत से कचरा संयंत्र की स्थापना होगी
इसके अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर की मुहाना फल सब्जी मंडी में साफ सफाई के लिए भी कचरा संयंत्र लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. मुहाना में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 33.37 करोड़ की लागत से संयंत्र की स्थापना की जाएगी. इसका संचालन और रखरखाव के प्रस्ताव को भी सरकार से मंजूरी मिल गई है. इस संयंत्र के लिए यार्ड मद और सड़क मध्य में उपलब्ध बजट राशि का उपयोग किया जा सकेगा.

कचरे का निस्तारण कर कंपोस्ट बनाया जाएगा
इस संयंत्र की स्थापना के बाद मुहाना मंडी में भारी मात्रा में उपलब्ध ठोस कचरे का निस्तारण कर कंपोस्ट बनाए जा सकेगा और जिससे मंडी परिसर साफ सुथरा होगा. कुल मिलाकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इन दो फैसलों से राजस्थान की सभी मंडियों की ना केवल दशा और दिशा सुधरेगी बल्कि इन मंडियों के व्यापारियों को व्यापारी और किसानों को भी लाभ मिलेगा.