रबी सीजन में बुआई अंतिम चरण में, राजस्थान में तय लक्ष्य के मुकाबले 75.44 फीसदी बुआई

राजस्थान में चालु सीजन में 74,53,650 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी है. चालु रबी सीजन में 98,80,000 हेक्टेयर बुआई रकबे का लक्ष्य तय किया गया है.

रबी सीजन में बुआई अंतिम चरण में, राजस्थान में तय लक्ष्य के मुकाबले 75.44 फीसदी बुआई
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: राजस्थान में चालु सीजन (Rabi Season) में 74,53,650 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी है. चालु रबी सीजन में 98,80,000 हेक्टेयर बुआई रकबे का लक्ष्य तय किया गया है. यह वर्ष 2019 में अब तक हुई बुआई से 1,45,250 हेक्टेयर कम है. दो दिसंबर तक पिछले सीजन में 75,98,650 हेक्टेयर में बुआई हुई थी. राजस्थान में तय लक्ष्य के मुकाबले 75.44 फीसदी बुआई अब तक हुई है. इसमें भी 25 लाख हेक्टेयर बुआई रकबा दीपावली के बाद बढ़ा है. दीपावली बाद प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मावठ से गेहूं, चना, जौ और सरसों सहित तिलहन और दलहन की बुआई बढ़ी है.

राजस्थान में चालु रबी सीजन में बिजाई रकबा पिछले सीजन के मुकाबले कम है, लेकिन अभी भी जयपुर, अलवर, जोधपुर, पाली, नागौर, चुरू, कोटा, बारां, उदयपुर, बांसवाड़ा सहित कई जिलों में जारी पछैती बिजाई के चलते कृषि विभाग मानकर चल रहा हैं कि तय लक्ष्य तक पहुंचा जा सकेगा. दलहन और तिलहन कीमतों में पिछले 6 महिने से जारी तेजी का असर बुआई में दिख रहा है. सरसों और चना की फसल प्रदेश में सबसे अधिक बोई जा रही है. 

सरसों का रबी सीजन में लक्ष्य 27 लाख हेक्टेयर तय किया गया है, इसमें अब तक  23 लाख 35 हजार हेक्टेयर में बिजाई हो चुकी है. वहीं, चना का बिजाई लक्ष्य 100 फीसदी से पार पहुंच चुका है. चना कीमतों में लगातार तेजी के चलते इस बार किसानों का रुख चना उपज पर अधिक है. चना का बिजाई लक्ष्य 18 लाख हेक्टेयर तय किया गया था, अब तक 18 लाख 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बिजाई हो चुकी है. इसकी वजह दलहन और तिलहन कीमतों में इजाफा है.

कृषि जिंस बिजाई लक्ष्य अब तक बिजाई
सरसों 27 लाख हेक्टेयर 23 लाख 35 हजार हेक्टेयर
गेहूं 31 लाख हेक्टेयर 18 लाख हेक्टेयर
जौ 3,10,000 हेक्टेयर 2,18,000 हेक्टेयर
चना 18 लाख हेक्टेयर 18,28,000 हेक्टेयर

इस बार प्रदेश में मसाला और औषधी गुण रखने वाली फसलों की बिजाई में भी उछाल है. कोरोना संक्रमण को देखते हुए इम्यूनिटी बुस्टर से जुड़ी फसलों की बुआई रबी सीजन में बढ़ी है. जीरा, इसबगोल, धनिया और मेथी की बिजाई में किसानों ने रुचि दिखाई है. तमिलनाडू और केरल में सक्रिय बुरेवी तुफान के असर से अगर राजस्थान में भी मौसम बदलता है और मावठ होती है तो बुआई रकबे में इजाफा आना तय माना जा रहा है.

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