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जयपुर: दिव्यांगों को डेयरी बूथ आवंटन में मिलेगा 4 फीसदी आरक्षण, कोर्ट ने दिए आदेश

कोर्ट ने नवीन डेयरी बूथ आवंटन पर रोक लगा रखी है हालांकि कोर्ट की रोक के बाद दिव्यांगजनों को प्राथमिकता मिलेगी. 

जयपुर: दिव्यांगों को डेयरी बूथ आवंटन में मिलेगा 4 फीसदी आरक्षण, कोर्ट ने दिए आदेश
विशेष योग्यजन न्यायालय ने यूडीएच विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं.

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में दिव्यांगजन को डेयरी बूथ के आवंटन में 4 फीसदी आरक्षण मिलेगा. विशेष योग्यजन न्यायालय (Special Qualified Court) ने यूडीएच विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं. 

इससे पहले पिछली सरकार में डेयरी बूथ के आवंटन में महिलाओं को प्राथमिकता दी गई थी लेकिन अब विशेष योग्यजन न्यायालय (Special Qualified Court) ने दिव्यांगजनों को भी 4 फीसदी आरक्षण देने के निर्देश दिए हैं. दिव्यांगजनों को तब राहत मिल सकती है, जब हाईकोर्ट की तरफ से रोक हटे. 

दरअसल, कोर्ट ने नवीन डेयरी बूथ आवंटन पर रोक लगा रखी है हालांकि कोर्ट की रोक के बाद दिव्यांगजनों को प्राथमिकता मिलेगी. अब दिव्यांगजनों को कोर्ट की रोक हटने का बेसब्री से इतंजार है. परिवादी हेमंत भाई गोयल ने विशेष योग्यजन न्यायालय (Special Qualified Court)  में परिवाद दायर किया था, जिसके बाद विशेष योग्यजन न्यायालय ने ये आदेश दिए हैं. 

क्या कहना है परिवादी का
परिवादी हेमंत भाई गोयल का कहना है कि अधिकतर दिव्यांगजन एकल होते हैं, उनकी शादी बहुत कम हो पाती है. इसलिए दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर प्रदान हो. इस वजह से कोर्ट ने माना है कि दिव्यांगजनों को आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन महिलाओं के साथ-साथ अब दिव्यांगजनों को भी डेयरी बूथ के आवंटन में प्राथमिकता दी जा सकेगी.

स्वायत्त शासन विभाग को दिए गए निर्देश
विशेष योग्यजन आयुक्त ने स्वायत्त शासन विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे बूथ आवंटन में दिव्यांगों के लिए उचित प्रावधान करने का निर्णय उच्च न्यायालय (High Court) के अंतिम आदेश के बाद लेकर विशेष योग्यजन न्यायालय को अवगत करवाएं. परिवादी हेमंत भाई गोयल का कहना है कि दिव्यांगों को आरक्षण का लाभ तब ही मिल पाएगा, जब हाईकोर्ट से रोक हटेगी.

ऐस में अब देखना यह होगा कि स्वायत्त शासन विभाग कब पूरे मामले में दिलचस्पी दिखाता है और कब दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर मिल पाएंगे?