अजमेर: प्रशासन की गहलोत सरकार से मांग, कहा- जायरीनों के लिए चलाई जाए विशेष ट्रेन

कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने, राज्य सरकार से जायरीन के लिए विशेष ट्रेन चलाने की मांग रखी है.

अजमेर: प्रशासन की गहलोत सरकार से मांग, कहा- जायरीनों के लिए चलाई जाए विशेष ट्रेन
अजमेर में कोरोना वायरस के केस बढ़कर 160 तक पहुंच गए हैं.

अजमेर: राजस्थान के अजमेर में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने, राज्य सरकार से जायरीन के लिए विशेष ट्रेन चलाने की मांग रखी है, जिससे कि वह इस आपात स्थिति में अपने घर पहुंच सकें. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) द्वारा की गई वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह मांग अजमेर प्रशासन ने रखी.

दरअसल, अजमेर में कोरोना वायरस के केस बढ़कर 160 तक पहुंच गए हैं. इसमें 100 से अधिक मामले दरगाह क्षेत्र से जुड़े हैं, जहां साढे 3 हजार से अधिक जायरीन अलग-अलग स्थानों पर ठहरे हैं. इनमें से 5 जायरीन कोरोना संक्रमण की चपेट में भी आ चुके हैं.

ऐसे में अजमेर में फंसे जायरीन प्रशासन के लिए मुसीबत बन रहे हैं, इसीलिए मुख्यमंत्री द्वारा की गई वीडियो कांफ्रेंस में तमाम जिला अधिकारियों ने इन्हें जल्द से जल्द रवाना करने की मांग रखी. साथ ही, एक विशेष ट्रेन चलाकर झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों को भेजने की मांग रखी. ताकि वह सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें.

गौरतलब है कि, अजमेर प्रशासन की ओर से निजी वाहनों के माध्यम से जायरीन को अपने घर भेजने की कवायद की जा रही है. लेकिन संख्या अधिक होने और दूरी के कारण ट्रेन चलाने की मांग की जा रही है. वहीं, मुख्यमंत्री द्वारा ली गई वीडियो कांफ्रेंस में गृह विभाग मेडिकल एंड हेल्थ और लेबर डिपार्टमेंट को लेकर चर्चा की गई.

इसमें मॉडिफाइड लॉकडाउन (Modified Lockdown) के तहत दी गई ढील को लेकर भी स्पष्ट करने की मांग की गई. जैसे कि फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों को किस तरह से शिफ्ट किया जाए. अधिकतर स्थानों पर पास (Pass) की समस्या होने के चलते काम नहीं हो पा रहा है. ऐसे में सख्ती भी बढ़ती जा रही है.

वहीं, कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए हर जिले में टेस्टलैब लगाने पर भी विचार किया जा रहा है. संभागीय आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीणा ने कहा कि, अजमेर में फंसे बड़ी संख्या में मजदूरों को अपने-अपने निवास पर भेजा जा चुका है. इसकी तैयारियां और तेज की गई है.

बता दें कि, अजमेर संभाग प्रदेश का एकमात्र ऐसा जिला है, जहां 3 जिलों में 100 से अधिक मामले सामने आए हैं. वहीं, भीलवाड़ा (Bhilwara) देश का आदरणीय मॉडल भी बना है. इसके बावजूद भी भीलवाड़ा में संख्या बढ़ रही है. अजमेर में 160 पॉजिटिव मामले आए हैं तो, वहीं टॉक और नागौर में भी कोरोना मामलों ने अपना शतक पूरा कर लिया है. ऐसे में संभाग में पूर्ण संक्रमण का प्रभाव अत्यधिक देखने को मिल रहा है.