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राजस्थान: टिड्डियों के हमले से बचाव के लिए प्रदेश सरकार ने की तैयारी, टीम तैनात

इस दौरान प्रदेश के 10 जिलों में मॉनिटरिंग और आवश्यक कार्रवाई के लिए टीमें तैनात की गई.

राजस्थान: टिड्डियों के हमले से बचाव के लिए प्रदेश सरकार ने की तैयारी, टीम तैनात
विभाग ने 3 हज़ार 288 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डियों को बेअसर किया है. (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान की खेतों पर टिड्डी दल के हमले की आशंका के बीच 19 जून को भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों और वैज्ञानिकों की एक उच्च-स्तरीय बैठक 19 जून को मुनबाओ में हुई थी. इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान के सीमावर्ती गांवों से पलायन करने वाले टिड्डों की बढ़ती संख्या पर चर्चा की थी. इसके लिए राजस्थान सरकार ने भी काफी तैयारियां की है. इस दौरान प्रदेश के 10 जिलों में मॉनिटरिंग और आवश्यक कार्रवाई के लिए टीमें तैनात की गई.

अभियान की मॉनिटरिंग करने वाले डॉक्टर सुवालाल जाट ने मीडिया से बातचीत में बताया कि टिड्डियों का बड़ी संख्या में सफाया किया गया है. लेकिन अभी भी जिस जगह टिड्डियां बैठी थीं. वहां पर उनके अडे से बच्चे निकलने का खतरा बना हुआ है. इस खतरे से निपटने के लिए विभाग ने पांच टीमें बनाई हैं. जिन्हें प्रदेश के दस ज़िलों में इस कार्य की देखरेख का ज़िम्मा दिया गया है. प्रदेश के जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, गंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जालौर, सिरोही और नागौर ज़िले में कार्यरत इन टीमों को सतर्क रहने को कहा गया है. 

दरअसल पिछले एक महीने से पाकिस्तानी टिड्डी दल के हमले की आशंका को देखते हुए उसे बेअसर करने की कवायद चल रही है. जिसके लिए कृषि विभाग मुस्तैद दिखा है. विभाग ने अभी तक 3 हज़ार 288 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डियों को बेअसर किया है. कृषि विभाग के टिड्डी नियन्त्रण दल की अब तक की कार्रवाई के बाद भी पश्चिमी राजस्थान पूरी तरह इस खतरे से मुक्त नहीं हुआ है.

वैसे पाकिस्तान के टिड्डी नियंत्रण दल की एक उच्चस्तरीय मीटिंग बाड़मेर के मुनाबाव में हुई है. इसके बाद पाकिस्तान अपनी ज़मीन पर टिड्डी के प्रभाव वाले इलाके में हवाई सर्वे करने और उसके बाद टिड्डी दल पर दवा के एयर स्प्रे के लिए तैयार हुआ है. माना जा रहा है कि राजस्थान में पछुआ हवाओं के साथ यह टिड्डी दल पाकिस्तानी सीमा से यहां दाखिल हो सकता है.