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राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र बोलें, विकास के अब तक हुए सिर्फ वादें...

राजधानी जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र ने यह बात कही.

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र बोलें, विकास के अब तक हुए सिर्फ वादें...
जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र.

जयपुर: प्रदेश के सूक्ष, लघु और मध्यम आकार के उद्यमों के विकास और सर्वद्वन के लिए एकदिवसीय समिट फिक्की राजस्थान ने आयोजित की. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राज्यपाल कलराज मिश्र(Kalraj Mishra) रहे. 

कार्यक्रम में एमएसएमई सेक्टर(MSME Sector) के विकास, प्रोत्साहन, तकनीकी सहयोग, कर्ज उपलब्धता, नवाचार, संबल सहित केंद्र और राज्य सरकार(State Government) की योजनाओं पर विशेषज्ञों ने मंथन किया. राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि यह समय एमएसएमई को अधिक प्रोत्साहन देने का हैं, साथ ही इनसे उत्पाद खरीद को प्रमुखता दी जानी चाहिए.

विकास के लिए डेवलप हो ईको सिस्टम
राज्यपाल कलराज मिश्र ने एमएसएमई समिट में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि एमएसएमई सेक्टर में सरकारी स्तर पर खरीद नियमों की पालना नहीं हो रही हैं. वैश्विक मंदी और कार्यगत समस्याओं से यह सेक्टर प्रभावित हैं, लेकिन बेहतर करने की संभावना हमेशा से इस क्षेत्र में बनी हुई हैं. 

बड़ी संख्या में रोजगार प्रदान कर रही हैं. इन इकाइयों के उत्पादों के बूते ही बड़े उद्योग दम भर रहे हैं, जीएसटी की शुरूआत से इकाइयों को परेशानी भी हुई तो लाभ भी हुए, अब यह लोगों की समझ में आने लगी हैं. मिश्र ने कहा कि केंद्र में मंत्री रहते हुए शीघ्र पंजीकरण के लिए उद्योग आधार मैमोरेंडम प्रोजेक्ट शुरू किया था, करीब 79 लाख इकाइयां इसके तहत पंजीकृत हुई हैं. 

नहीं मिल रहा अपेक्षित सहयोग
बैंकों की कर्ज बांटने की नीति पर भी सवाल उठाते हुए राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि इस क्षेत्र की मदद के लिए बैंक भी आगे आए. बड़े उद्योगों के कर्ज एनपीए होने से लघु इकाइयों को ऋण बांटने से बैंक पीछे हट रहे हैं. जबकि बड़े औद्योगिक समूहों की बजाय छोटै कारोबारियों की कर्ज चुकाने के मामले में विश्वसनीयता अधिक हैँ. राज्यपाल ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर का विकास बहुत महत्वपूर्ण है. नए युग के उद्यमियों को तकनीक और संसाधन विकास की आवश्यकता हैं. इसके लिए ईको सिस्टम डेवलप करने की आवश्यकता है. 

उद्योग मंत्री की रही गैर मौजूदगी
एमएसएमई समिट में प्रदेश में कारोबार में आ रही चुनौतियों, नीतिगत प्रावधानों, समस्याओं और नवाचारों पर मंथन किया गया. राज्य सरकार के नए एमएसएमई पोर्टल, एक्ट पर भी चर्चा की गई. हालांकि कार्यक्रम में उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा के नहीं आने से कारोबारियों के मांग पत्र धरे रह गए.