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झालावाड़ में छात्रसंघ चुनाव की तैयारी में जुटे छात्र, डोर टू डोर कर रहे वोट की अपील

झालावाड़ पीजी कॉलेज में सत्र 2015 के बाद से ही प्राचार्य का रिक्त चल रहा पद भी छात्र संघ चुनाव में प्रमुख मुद्दा बना हुआ है.

झालावाड़ में छात्रसंघ चुनाव की तैयारी में जुटे छात्र, डोर टू डोर कर रहे वोट की अपील
फाइल फोटो

महेश परिहार, झालावाड़: छात्र संघ चुनाव को लेकर झालावाड़ जिले के सभी 8 महाविद्यालयों में प्रत्याक्षियों ने चुनाव प्रचार की ताल ठोक दी है और डोर टू डोर छात्रों के घर पहुंच कर अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं. झालावाड़ पीजी कॉलेज, झालावाड़ गर्ल्स कॉलेज, उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय सहित मनोहरथाना, खानपुर, पिड़ावा, चौमहला तथा भवानीमंडी स्थित राजकीय महाविद्यालयो में छात्र संगठनों द्वारा प्रत्याशियों का पैनल घोषित कर दिया गया है, लेकिन सबकी निगाहें राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय झालावाड़ पर टिकी है. 

जहां कॉलेज परिसर छात्र संघ चुनाव की रणभूमि में तब्दील हो गया है. झालावाड़ पीजी कॉलेज में 4160 छात्र अपने छात्र नेताओं का चुनाव करेंगे और महाविद्यालय की व्यवस्था और व्याख्याताओं की कमी, छात्राओं की सुरक्षा पार्किंग व्यवस्था तथा लाइब्रेरी सहित ऑडिटोरियम से जुड़ी परेशानियों के समाधान हेतु छात्रों का विशेष हित चाहने वाले प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान कर उन्हें विजेता बनाने में मदद करेंगे. साथ ही झालावाड़ पीजी कॉलेज में सत्र 2015 के बाद से ही प्राचार्य का रिक्त चल रहा पद भी छात्र संघ चुनाव में प्रमुख मुद्दा बना हुआ है.

झालावाड़ पीजी कॉलेज की बात की जाए तो यहां प्रमुख मुकाबला एनएसयूआई तथा एबीवीपी के बीच ही दिखाई दे रहा है. एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद हेतु राहुल मीणा को प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा है तो वहीं एबीवीपी ने अरविंद कुमार पर छात्रसंघ अध्यक्ष पद हेतु अपना दांव खेला है. झालावाड़ के ही प्रमुख राजकीय कन्या महाविद्यालय में भी एनएसयूआई ने विजय कंवर को अध्यक्ष पद हेतु प्रत्याक्षी घोषित किया है, तो वहीं एबीवीपी ने याशिका सोनी को मैदान में उतारा है.

छात्रसंघ चुनाव हेतु नामांकन के साथ ही दोनों ही छात्र संगठन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी छात्रों को लुभावने वादों के माध्यम से रिझाने और उनका समर्थन हासिल करने में जुटे हैं, जिसके लिए दोनों ही छात्र संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता डोर टू डोर छात्रों के पास पहुंचकर महाविद्यालय परिसर तथा अध्ययन से जुड़ी परेशानियों का समाधान करवाने का विश्वास दिला रहे हैं. एनएसयूआई और एबीवीपी छात्र संगठन दोनों ही प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों की छात्र इकाई है, ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी भी पर्दे के पीछे से चुनाव का प्रभार सम्भाले बेहतर प्रबंधन में जुटी है.