कोटा: एजुकेशन सिटी में लौट रही रौनक, कोचिंग संस्थानों में फिर शुरू होगी पढ़ाई

शिक्षा का मक्का कहे जाने वाले कोटा में एक फिर छात्रों की वापसी होने जा रही है, जो कोरोना के चलते अपने घरों की ओर निकल गए थे.

कोटा: एजुकेशन सिटी में लौट रही रौनक, कोचिंग संस्थानों में फिर शुरू होगी पढ़ाई
केंद्र सरकार की तरफ से शुरु हुए अनलॉक फेज़ में धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर लौट रही है.

कोटा: कभी देशभर के छात्रों से गुलजार रहने वाली कोटा नगरी कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन के बाद से ही उदासी, अकेलापन और खामोशी झेल रही थी, लेकिन अब दिन फिर से पहले जैसे आने वाले हैं. फिर से एजुकेशन नगरी में छात्र होंगे. कोचिंग संस्थानों में कक्षाएं लगेंगी, हॉस्टल्स में छात्रों की मौजूदगी दिखेगी और फिर से पढ़ाई का वही माहौल बनने वाला है.

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केंद्र सरकार की तरफ से शुरु हुए अनलॉक फेज़ में धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर लौट रही है. इसी कड़ी में शिक्षण संस्थानों को खोलने का भी फैसला किया गया है. लिहाजा कोटा को फिर से छात्रों के आने की उम्मीद जगी है. दरअसल केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर के बाद स्कूल, कोचिंग संस्थान शुरू करने के लिए राज्य सरकारों को अधिकृत किया है, अब ये राज्य सरकारों पर निर्भर करता है कि वो इस फैसले के साथ नियत समय पर संस्थानों को खोलने की अनुमति देते हैं या इस अवधि को अपने स्तर पर आगे बढ़ाते हैं.

फिलहाल कोचिंग संस्थानों के फिर शुरू होने की उम्मीद के साथ कोटा में स्टूडेंट्स लौटने लगे हैं. प्रवेश के लिए न सिर्फ पूछताछ हो रही है, बल्कि बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स और पैरेन्ट्स कोटा आ भी रहे हैं. कोचिंग संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया फिलहाल जारी है. कई छात्रों ने प्रवेश लेने के बाद हॉस्टल या पीजी में रहकर पढ़ाई भी शुरू कर दी है.

संस्थानों को राज्य सरकार के निर्देश का इंतजार
केन्द्र की गाइड लाइन के बाद कोटा के कोचिंग संस्थानों को राज्य सरकार की गाइड लाइन का इंतजार है. कोटा स्थित एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट के निदेशक नवीन माहेश्वरी का कहना है कि स्टूडेंट्स की सुरक्षा और स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता रहेगी. नियमों की पालना के लिए हमने तैयारी कर ली है. स्टूडेंट्स और पैरेन्ट्स एडमिशन के लिए लगातार आ रहे हैं. जब तक सरकार क्लासरूम कोचिंग की अनुमति नहीं देती है तब तक ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है.

हॉस्टल संचालक भी हैं तैयार
कोटा के कोरल पार्क हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का कहना है कि हमें विश्वास है कि राज्य सरकार स्टूडेंट्स और पैरेन्ट्स के निवेदन पर विचार करते हुए क्लासेज की अनुमति देगी. हॉस्टल संचालक सरकार की गाइड लाइन के अनुसार हर सावधानी बरतने को तैयार हैं.

आपको बता दें कि 2019-20 के शैक्षिक सत्र में कोटा में 1.75 लाख स्टूडेंट्स थे. इतना ही नहीं करीब 8 हजार एक्सपर्ट फैकल्टीज कोटा आने वाले इन छात्रों का मार्गदर्शन करती है. छोटे-बड़े मिलाकर करीब 60 कोचिंग संस्थानों में देशभर से छात्र चिकित्सा और तकनीकी क्षेत्र के लिए होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं. मौजूदा कोरोना काल में कोटा नगरी में 20 हजार से ज्यादा छात्र हैं. फिलहाल आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों का आने का सिलसिला तो शुरू हो गया है, लेकिन देखना ये होगा कि संस्थानों में कब तक पाठन कार्य शुरू होते हैं.

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