धौलपुर में अंधविश्वास का खेल, सांप काटने के बाद पिता-पुत्र के जिंदा होने की उम्मीद

दोनों के शरीर को बायगीर और नाग बाबा के पास ले गए. यहां दोनों को गांव में रखकर नाग बाबा को बुला लिया गया, जहां पर नाग बाबा की मदद से सांप को ढूंढ कर मार दिया गया.

धौलपुर में अंधविश्वास का खेल, सांप काटने के बाद पिता-पुत्र के जिंदा होने की उम्मीद
एक सांप ने दरियापुर निवासी 28 वर्षीय महेश को व उसके 12 वर्षीय बेटे को काट लिया.

भानु शर्मा/धौलपुर: धौलपुर जिले के सदर थाने से कुछ ही दूरी पर स्थित गांव दरियापुर में एक सांप ने पिता-पुत्र को काट लिया जिससे दोनों की मौत हो गई. स्थानीय लोगों का कहना था कि अगर झाड़-फूंक करने वाले की बजाए उन्हें अस्पताल ले जाते तो शायद जान बच सकती थी. दोनों के शवों को बायगीर के पास ले गए है, वहीं दूसरी ओर सांप को ढूंढकर मार गया दिया है.

जानकारी के अनुसार, एक सांप ने दरियापुर निवासी 28 वर्षीय महेश को व उसके 12 वर्षीय बेटे को काट लिया, जैसे ही बेटे ने चिल्लाया तो वहां उसका पिता महेश पहुंच गया और महेश ने देखा कि सांप ने उसके बेटे को काट खा लिया है तो, महेश ने पीछे से सांप को पकड़ लिया और उसे जमीन पर मारने का प्रयास किया तभी सांप ने उसके कान के पास काट लिया.

इसके बाद उनके चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे झाड़ फूंक के लिए दोनो को गांव के बरीपुरा ले गए. वहां से बच्चे को अस्पताल ले जाया गया. लेकिन इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई.

बेटे की मौत खबर सुनकर महेश की तबीयत ज्यादा खराब होने लगी और परिजन उसे ग्वालियर के अस्पताल ले जाने की तैयारी करने में लगे थे. लेकिन रास्ते में उसकी भी मौत हो गई. इस घटना से गांव में मातम छाया गया और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.

इस दौरान वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सांप को पकड़ने की कोशिश करने लगी. अंधेरा होने की वजह से सांप पकड़ में नहीं आ सका. स्थानीय लोगों का कहना है कि महेश को झाड़-फूंक करने वाले की बजाए उसे अस्पताल ले जाया जाता तो शायद जान बच सकती थी.

पिता-पुत्र की मौत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को अस्पताल के मोर्चरी में रखवाने का प्रयास किया. लेकिन परिजन उन दोनों को मृत नहीं समझ रहे और कहा कि शरीर से पसीना आ रहा है इसलिए दोनों को झाड़ फूंक करने के लिए किसी देवता के स्थान पर ले जाएंगे, जबकि दोनों की मौत बहुत पहले ही हो चुकी थी.

इसके बाद दोनों के शरीर को बायगीर और नाग बाबा के पास ले गए. यहां दोनों को गांव में रखकर नाग बाबा को बुला लिया गया, जहां पर नाग बाबा की मदद से सांप को ढूंढ कर मार दिया गया. अब बायगीर के इलाज की तैयारी की जा रही है.

इस घटना को करीब 34 घंटे हो चुके हैं और परिजन अभी भी बाबा और बायगीर पर उम्मीद लगाए हुए हैं इसीलिए वह उन्हें सही करने के लिए हर सम्भव मदद कर रहे हैं और उम्मीद बनाएं रखे हुए हैं. वहीं ज़ी राजस्थान पर खबर प्रमुखता से दिखाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच कर दोनों शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां दोनों का पोस्टमार्टम होगा.