close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

मां की गोद में आखिरी सांस लेना चाह रहा कैंसर पीड़ित कैदी, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

मुख्य आरोपी आसू जैफ के पास से 23 लाख रुपये के जाली नोट और जाली नोट बनाने का सामान ज़ब्त हुआ था. 

मां की गोद में आखिरी सांस लेना चाह रहा कैंसर पीड़ित कैदी, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : राजस्थान की जेल में बंद कैंसर से पीड़ित एक कैदी की अपनी मां की गोद में आखिरी सांस लेने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की. इस मुख्य आरोपी आसू जैफ के पास से 23 लाख रुपये के जाली नोट और जाली नोट बनाने का सामान ज़ब्त हुआ था. नकली नोट रखने के मामले में जयपुर की जेल में बंद कैदी को मुंह का कैंसर है, जिसकी तबीयत गंभीर है.

मामले में कैदी के पास से जाली नोट बरामद हुए थे और पिछले साल जयपुर में उसके खिलाफ एक केस भी दायर किया गया था. राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में 24 अप्रैल को कैदी की अंतरिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है.

देखें LIVE TV

याचिकाकर्ता ने कहा है कि निचली अदालत में मामले की सुनवाई में काफी समय लगेगा और तब तक उसकी मौत हो जाएगी या सुनवाई की कार्यवाही को समझने में वह अपना मानसिक संतुलन खो देगा. उसने कहा है, ‘कैंसर के मरीज उम्मीद खो देते हैं. मैं भी जीने की उम्मीद खो चुका हूं और अब अपनी मां की गोद में मरना चाहता हूं, जिससे आखिरी समय में मां और अपनों का साथ मिल सके.’ कैदी की जमानत अर्जियों को इस आधार पर खारिज किया जाता रहा, क्योंकि उसका सवाई मान सिंह अस्पताल जयपुर में इलाज हो रहा है.’

बता दें कि अर्जी में कहा गया था कि जेल में याचिकाकर्ता को कैंसर होने का पता चला है और उसे पिछले 8 महीने से रोजाना रेडियोथेरेपी करानी पड़ रही है. जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज होने के कारण बार-बार उसकी जमानत अर्जियां खारिज कर दी गई हैं.'