दौसा: औचक निरीक्षण में एनएचएम अस्पताल की खुली पोल, डॉक्टर मिले नदारद

एनएचएम के निदेशक समित शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पीएमओ को फटकार लगाई और व्यवसथाओं को ठीक करने के निर्देश दिए.

दौसा: औचक निरीक्षण में एनएचएम अस्पताल की खुली पोल, डॉक्टर मिले नदारद
राजकीय जिला चिकित्सालय दौसा के औचक निरीक्षण मे ढेरों खामियां मिली.

जयपुर:अस्पताल बनाया जाता है रोगियों के इलाज के लिए लेकिन जब अस्पताल ही बीमार हो तो उसमे मरीजों का इलाज कैसे सम्भव है कुछ ऐसा ही नजारा मिला एनएचएम के निदेशक समित शर्मा को राजकीय जिला चिकित्सालय दौसा का जहां उनके औचक निरीक्षण मे ढेरों खामियां मिली. 

दरअसल दौसा जिला अस्पातल की व्यवस्थाओं को लेकर एनएचएम के निदेशक समित शर्मा का लगातार शिकायतें मिल रही थी, जिसके चलते अस्पताल का औचक निरीक्षण करने एनएचएम के निदेशक समित शर्मा दौसा के जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां उन्हें समस्याओं का अम्बार मिला. एक ओर जहां गंदगी के ढ़ेर मिले तो दूसरी ओर स्टाफ की कार्य शैली भी खराब मिली. समित शर्मा सुबह आठ बजकर छह मिनट पर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों को दिखाने मरीजों की लम्बी कतार मिली और डॉक्टर नदारद मिले.

इस पर एनएचएम के निदेशक समित शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पीएमओ को फटकार लगाई और व्यवसथाओं को ठीक करने के निर्देश दिए. वहीं जिला अस्पताल पसिर मे स्थित मातृ एंव शिशु चिकित्सालय की जांच मे डीलिवरी के दौरान स्टाफ द्वारा पैसे लेने की बात भी सामने आई. जिसे समित शर्मा ने बहुत ही गम्भीर विशय माना. उन्होने कहां जब सरकार द्वारा प्रसूता को सभी सुविधाये निशुल्क दी जा रही है तो फिर स्टाफ द्वारा प्रसूताओं के परीजनो से किस बात का पैसा लिया जा रहा है. समित शर्मा ने मामले की जांच की बात कही है.

एनएचएम के निदेशक समित शर्मा ने कहा 'सरकार की योजना है. जो भी मरीज इलाज करवाने अस्पताल में आए उनकी जेब से एक भी पैसा जेब से खर्च नहीं हो लेकिन दौसा जिला अस्पताल मे डॉक्टर बहार से जांच और दवा लिख रहे है, जो इस अस्पताल का दुर्भाग्य है. समित शर्मा ने कहां भारत मे गरीबी ज्यादा है और डब्लूएचओं ने माना है की भारत की 65 प्रतिशत आबादी इलाज लेने मे सक्षम नहीं है, जिसको देखते हुए सरकार ने निशुल्क योजनाए चलाई उसके बावजुद भी उनको इलाज की सुविधा नहीं मिले, तो फिर क्या फायदा. समित शर्मा ने अस्पताल मे मिली व्यवस्थ्ओं को लेकर नाराजगी जताते हुए एडीएम लोकेश मीणा की अध्यक्षता मे एक कमेटी का गठन किया है जो मंगलवार शाम तक रिर्पोट सौंपेगी और उसमे जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी.

समित शर्मा ने कहां दौसा जिला अस्पताल की भवन इतना बड़ा है की यहां मेडिकल कॉलेज संचालित किया जा सकता है. लेकिन यहां जो सुविधाएं मरीजों को मिलनी चाहिए वो नहीं मिल रही है. समति शर्मा ने कहां जब सारी सुविधाए यहां मौजुद है तो फिर मरीजो को जांच और दवा के लिए बहार क्यों भेजा जा रहा है. उन्होने कहा हमारा ध्येय किसी को दंडित करना नहीं है हमरा उद्देश्य है, अस्पताल में आने वाले मरीजो को पूर्ण रूप से अच्छा और निशुल्क इलाज.

दौसा जिला अस्पताल के एनएचएम के निदेशक समित शर्मा के औचक निरिक्षण के बाद यह तो साफ हो गया की एक ओर यहां जमकर अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है वहीं दूसरी ओर पैसों का भी खेल जमकर हो रहा है. ऐसे में अब बड़ा सवाल यह उठता है की क्या जांच क बाद अस्पताल की स्थिति में बदलाव होगा?