गरीबों की जेब पर भारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'स्वच्छ भारत अभियान' योजना

राजस्थान के 16 लाख 35 हजार परिवारों को शौचालय बनाने की रकम नहीं मिली है. 

गरीबों की जेब पर भारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'स्वच्छ भारत अभियान' योजना
स्वच्छ भारत अभियान के तहत राजस्थान में 89 लाख शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है.

जयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'स्वच्छ भारत अभियान' राजस्थान में पास होकर भी फेल होती नजर आ रही है. 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत राजस्थान में अब तक 89 लाख शौचालयों का निर्माण करवाया जा चुका है. राजस्थान में कुल 9891 ग्राम पंचायते स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले शौच से मुक्त हो गई है. लेकिन इस योजना से जुड़े लाभार्थियों का पैसा अभी तक उनके खातों में जमा नहीं हुआ है. राजस्थान के 16 लाख 35 हजार ग्रामीणों को अब रकम मिलने की कोई उम्मीद नहीं है. हालांकि इस मामले को लेकर पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के अधिकारियों से मिले भी लेकिन रकम लाभार्थियों तक फिर भी नहीं पहुंची. 

बता दें कि 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत शौचालय बनाने के लिए सरकार की ओर 12 हजार रूपए की राशि प्रत्येक परिवार की दी जाती है. लेकिन राजस्थान के 16 लाख 35 हजार परिवारों को शौचालय बनाने की रकम नहीं मिली है. किसी ने उधार लेकर शौचालय बनवाया तो किसी ने अपने पेंशन का पैसा ही शौचालय पर दांव पर लगा दिया. इसी सोच के साथ की हमारे खाते में पूरा पैसा आएंगा,लेकिन पंचायत विभाग के लापरवाही के चलते अब तक खातों में पैसा नहीं पहुंच पाया है. क्षेत्र के कई घरों में तो दो तीन साल गुजर चुके हैं शौचालय बनें लेकिन सरकार से मिलने वाली रकम अभी भी कागजों पर ही है.

मंत्री जी की कोशिश भी नाकाम
डेढ महीने पहले जी मीडिया ने ग्राउंड जीरों पर जाकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था. जिसके बाद पंचायतीराज मंत्री राजेंद्र राठौड ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि एक महीने के भीतर सभी लाभार्थियों के खाते में पैसा पहुंचेगा. लेकिन इसके बावजूद भी अधिकारियों ने मंत्री के आदेश की धज्जियां उड़ाई. मंत्री के आदेश के बाद डेढ़ महीने के भीतर केवल कुछ ही लोगों के खातें में शौचालय की राशि पहुंची. हालांकि पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा है कि हम केंद्र सरकार से अनुरोध कर रहे है कि शौचालय की राशि जल्द रिलीज करें. लेकिन मंत्री जी की कोशिश भी कुछ खास रंग नहीं लाई.

राजस्थान 'स्वच्छ भारत अभियान' में पास होकर भी फेल
हालांकि स्वच्छ भारत अभियान के तहत राजस्थान में 89 लाख शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है. जिनमें से 57 लाख बीपीएल, अनुसूचित जाति-जनजाति लघु एवं सीमांत किसानों, विकलांगों, महिला प्रमुख परिवारों को 12 हजार रुपये शौचालय की राशि दी जानी थी. लेकिन उनमें से 16 लाख 35 हजार परिवारों को अभी तक शौचालय की राशि नहीं मिल पाई है. योजना के तहत अब क पैसा न मिलने से जनता में काफी आक्रोश है. खुराड़ नेस्तीवास गांव की ग्यारसी देवी की मानें तो परिवार में एक चार पाई तक नहीं वहां उन्होंने प्रशासन के कहने पर घर में शौचालय बनवाया. अब उधार लेकर ग्यारसी पछता रहीं है. ऐसा ही हाल जयपुर के और गांवों का भी नजर आया.

शौचालयों पर शुरू हुई सियासत
योजना के तहत रकम न मिलने से एक ओर जहां जनता परेशान है वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर सियासत भी शुरू हो चुकी है. पीएम मोदी के जनसंवाद कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के पात्र परिवारों को इस संवाद में शामिल न हाने पर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि लाभा​र्थियों की पोल पट्टी खुलने के डर से मोदी के सामने बीजेपी सरकार शौचालय से जुडे लाभार्थियों को दूर रखा. ओडीएफ के नाम पर मोदी की सरकार जनता को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है. पैसा अभी तक लोगों के खाते में नहींं पहुंचा है. ऐसे में सरकार बताए कि आखिर योजना के करोडों रुपए कहां गए. हालांकि मंत्री राजेंद्र राठौड ने भी कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को ऐसा बोलने से पहले स्वयं की स्थिति पर विचार करना चाहिए. बीजेपी सरकार ने अपने कार्यकाल में न सिर्फ शौचालय बनवाए, बल्कि हर गरीब को घर भी दिया. जबकि कांग्रेस सरकार ने सिर्फ देश को लूटने का काम किया है. लेकिन इस सियासत के बीच सवाल अब भी यही है कि पूरी तरह निराश हो चुके इन गरीबों का पैसा आखिर कब मिलेगा.