close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान के इन बिर्ल्डस से नहीं चुकाया करोड़ों का टैक्स, श्रम विभाग ने दी चेतावनी

श्रम विभाग ने आम लोगों से जयपुर के जाने माने आठ बड़े बिर्ल्डस से वित्तीय लेन-देने करने से भी साफ माना कर दिया है. इन बिर्ल्डस ने सालों से करोड़ों का सेस टैक्स ही नहीं चुकाया.

राजस्थान के इन बिर्ल्डस से नहीं चुकाया करोड़ों का टैक्स, श्रम विभाग ने दी चेतावनी
जयपुर के जाने-माने बिर्ल्डस ने करोड़ों का सेस भुगतान नहीं किया है.

जयपुर: राजस्थान के जयपुर के बड़े-बड़े बिल्डर्स आलीशान भवन तो तैयार कर रहे है, लेकिन उन्हे बार बार नोटिस थमाने के बावजूद भी करोड़ों का सेस टैक्स नहीं चुका रहे है. इतना ही नहीं श्रम विभाग ने आम लोगों से जयपुर के जाने माने आठ बड़े बिर्ल्डस से वित्तीय लेन-देने करने से भी साफ माना कर दिया है. इन बिर्ल्डस ने सालों से करोड़ों का सेस टैक्स ही नहीं चुकाया.

इनमें यूनिकी बिर्ल्डस, एआरजी ग्रुप, रिद्धीराज बिर्ल्डर, आलोकिक बिर्ल्डर, एसएनजी ग्रुप, आदर्श बिर्ल्डर, एसडीसी ग्रुप और मोजिका रियल स्टेट ग्रुप शामिल हैं. इन सभी बडे ग्रुप से आप वित्तिय लेन देन कर रहे है तो सावधान हो जाईए. ऐसा हम नहीं बल्कि श्रम विभाग कह रहा है. सालों से करोड़ों का सेस टैक्स नहीं चुकाने पर श्रम विभाग ने सीधे तौर पर जयपुर की आम जनता को सजग किया है. 

विभाग ने ये साफ कर दिया है कि इन बिर्ल्डस से पहले वित्तिय लेनदेने करते समय पूरा ध्यान रखे. दरअसल जयपुर शहर में बिर्ल्डस की मनमानी इतनी बढ़ गई है कि वह अब सेस टैक्स को चुकाना भी मुनासिफ नहीं समझते. नोटिस पर नोटिस थमाने के बावजूद भी बिर्ल्डस मनमानी पर उतरे हुए है. पिछले केवल चार महीने में ही श्रम विभाग ने जयपुर के साढ़े तीन हजार से ज्यादा बिर्ल्डस को सेस नहीं चुकाने पर नोटिस थमा चुका, लेकिन अब बिर्ल्डस सेस टैक्स चुकाने का नाम ही नहीं ले रही है.

वहीं अब श्रम विभाग इन बिर्ल्डस के खिलाफ कार्रवाई करने के मूड में नजर आ रही है. जयपुर के जाने-माने बिर्ल्डस ने करोड़ों का सेस भुगतान नहीं किया. इन इन बिर्ल्डस को श्रम विभाग बार बार नोटिस देकर चेतावनी दे चुका है. अब तक इन बिर्ल्डस पर कोई फर्क नहीं पड़ा. अब विभाग लंबे समय से नहीं सेस नहीं चुकाने वाले बिर्ल्डस पर जल्द ही वसूली की कार्रवाई शुरू करने वाली है.

नियमों के तहत सभी प्रकार के निर्माण कार्यों के लिए बिर्ल्डस को कुल लागत की राशि पर 1 प्रतिशत सेस टैक्स देना अनिवार्य है. सरकार सेस टैक्स का पैसा श्रमिकों के हितों के लिए इस्तेमाल करती है. जिसमें शुभशक्ति योजना, निर्माण श्रमिक शिक्षा, कौशल विकास योजना, भविष्य सुरक्षा योजना, सुलभ्य आवास योजना, प्रसूति सहायता जैसी योजनाओं में इस्तेमाल किया जाता है. वैसे सेस टैक्स चुकाने में सरकारी संस्थाओं के ज्यादा प्रावइेट बिर्ल्डर कई गुना पीछे है. इस बात को पुख्ता इस बात से किया जा सकता है कि 2010 से अब तक सरकारी संस्थाओं ने 1511 करोड और प्राइवेट संस्थाओं ने 819 करोड रूपए चुका पाई है. जबकि प्राइवेट बिर्ल्डर शहरों में सरकारी संस्थाओं के मुकाबले ज्यादा काम कर रहे है. ऐसे में बिर्ल्डस लगातार श्रमिकों के हितों पर डाका डालने की पूरी पूरी कोशिश कर रहे है.