जयपुर: RU में शिक्षकों-रजिस्ट्रार के बीच जमकर हुई हाथापाई, कई घायल

2018 में राविवि में एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर लगे 147 शिक्षक स्थाईकरण और वेतन नियमितिकरण की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से आंदोलन पर हैं.

जयपुर: RU में शिक्षकों-रजिस्ट्रार के बीच जमकर हुई हाथापाई, कई घायल
इस झगड़े में एक महिला शिक्षिका को भी चोट लगी.

जयपुर: स्थाईकरण और वेतन नियमितिकरण को लेकर पिछले तीन दिनों से राजस्थान यूनिवर्सिटी (Rajasthan University) में चल रहे हंगामें में हाथापाई का रुप ले लिया. यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और राविवि रजिस्ट्रार के बीच जमकर हाथापाई देखने को मिली. इस दौरान कुछ शिक्षकों को चोटें आई तो एक महिला शिक्षिका के गिरने से पैर में चोट लगी, जिसके बाद कुलपति सचिवालय के बाहर शिक्षक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं.

2018 में राविवि में एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर लगे 147 शिक्षक स्थाईकरण और वेतन नियमितिकरण की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से आंदोलन पर हैं. मंगलवार को हालांकि राविवि प्रशासन द्वारा शिक्षकों को लिखित आश्वासन दिया गया. लेकिन बुधवार को फिर से शिक्षक मांगों को लेकर कुलपति सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए.

वीसी सचिवालय जब रजिस्ट्रार पहुंचे तो इस दौरान शिक्षकों और रजिस्ट्रार के बीच हाथापाई की नौबत तक आ गई. राविवि प्रोफेसर जयंत सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि 'रजिस्ट्रार द्वारा शिक्षकों के साथ मारपीट की गई, जिसके चलते कई शिक्षकों को चोटें तक आई हैं. ऐसे में जब तक रजिस्ट्रार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक शिक्षक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहेंगे.'

वहीं, इस झगड़े में एक महिला शिक्षिका को भी चोट लगी. शिक्षिका ने आरोप लगाते हुए कहा की 'वार्ता के दौरान रजिस्ट्रार उग्र हो गए और बात हाथपाई तक आ गई.' वहीं, पूरे मामले को लेकर राविवि कुलपति राजीव जैन का कहना है कि 'राविवि में इस प्रकार की घटना होना काफी निंदनीय है. फिलहाल रजिस्ट्रार हरफूल यादव को छुट्टियों पर भेजने के निर्देश दे दिए गए हैं और पिछले तीन दिनों से सौहार्दपूर्ण वातावरण में पूरी बात हो रही थी. लेकिन आज जो हुआ वो नहीं होना था. इसकी जांच विवि द्वारा कार्रवाई जाएगी.'

दूसरी ओर घटना के विरोध में तुरंत कार्रवाई की मांग को लेकर शिक्षक वीसी सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. शिक्षकों ने आरोप लगाते हुए कि 'रजिस्ट्रार ने शिक्षकों के साथ मारपीट की है और जब तक उनको राविवि से हटाने के आदेश जारी नहीं हो जाते तब तक धरना जारी रहेगा. इसके साथ ही यदि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है तो कल कलम डाउन हड़ताल की जाएगी.'