अलवर: किसानों पर छोड़े गए आंसू गैस के गोले-पानी के फव्वारे, किसान बोले-सरकार आए सद्बुद्धि

राजू ने कहा कि सरकार को सद्बुद्धि आए क्योंकि जो जवान उनके ऊपर आंसू गैस के गोले छोड़ रहे है वह जवान तो किसान परिवार से ही होंगे. लेकिन वे तो सरकार के दबाव में आकर यह सब कर रहे हैं.द्धि

अलवर: किसानों पर छोड़े गए आंसू गैस के गोले-पानी के फव्वारे, किसान बोले-सरकार आए सद्बुद्धि
किसानों पर छोड़े गए आंसू गैस के गोले-पानी के फव्वारे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जुगल किशोर गांधी/अलवर: हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर (Haryana-Rajasthan Border) पर रुके किसानों (Farmers) के बैरिकेड तोड़कर हरियाणा सीमा में प्रवेश करने के बाद रविवार को उनके साथी सर्विस लाइन से बैरिकेट्स हटाकर उनके पास जाने के लिए निकले. इस दौरान हरियाणा सीमा में रेवाड़ी के पास पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले और पानी के फव्वारे उनके ऊपर छोड़े गए.

इस दौरान किसान इधर-उधर भागते हुए भी नजर आए. किसानों के नेता रणजीत राजू का कहना है कि आंसू गैस के गोले भी एक्सपायर डेट के थे. राजू ने कहा कि सरकार को सद्बुद्धि आए क्योंकि जो जवान उनके ऊपर आंसू गैस के गोले छोड़ रहे है वह जवान तो किसान परिवार से ही होंगे. लेकिन वे तो सरकार के दबाव में आकर यह सब कर रहे हैं.

दरअसल, कृषि कानूनों (Agricultural Law) को लेकर किसान आंदोलनरत हैं. वह बीते 35 दिन से भी अधिक समय से धरने पर बैठे हैं और कृषि कानून को 'काला कानून' बताकर इसका विरोध कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि सरकार किसी भी कीमत पर इस कानून को वापस ले. जबकि सरकार कानून में संशोधन को तैयार है. लेकिन वह वापस लेने की मांग को नहीं मान रही है.

हालांकि, 5 से अधिक बार सरकार और किसानों संगठनों के बीच बातचीत हो चुकी है. लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है, जिसको देखकर कहा जाए कि किसानों का यह आंदोलन खत्म हो सकता है. वहीं, किसानों का भी कहना है कि जब तक उनकी मांगों को सरकार नहीं मानेगी तब तक वह आंदोलन करते रहेंगे.