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10वीं में फेल युवक ने क्रैक की सिविल सर्विसेज की परीक्षा, बना सबके लिए मिसाल

कहते हैं अगर किसी चीज़ को तुम शिद्दत से चाहो, तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में लग जाती है. फिल्म का ये डायलॉग बाड़मेर(Barmer) के एक शख्स पर पूरी तरह सटीक बैठता है, जिसकी लगन ने उसे बुलंदी के निशान पर पहुंचा दिया. 10 में फेल होने वाला एक लड़का आईपीएस अधिकारी (IPS Officer) बन गया.

10वीं में फेल युवक ने क्रैक की सिविल सर्विसेज की परीक्षा, बना सबके लिए मिसाल
नवचयनित आईपीएस जगदीश बांगड़वा(Jagdish Bangarwa).

भूपेश आचार्य, बाड़मेर: कहते हैं अगर किसी चीज़ को तुम शिद्दत से चाहो, तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में लग जाती है. फिल्म का ये डायलॉग बाड़मेर(Barmer) के एक शख्स पर पूरी तरह सटीक बैठता है, जिसकी लगन ने उसे बुलंदी के निशान पर पहुंचा दिया. 10 में फेल होने वाला एक लड़का आईपीएस अधिकारी (IPS Officer) बन गया.

कौन कहता है कि इंसान को भाग्य से ही सबकुछ मिलता है उसकी मंजिल मिलती है. अगर आप ये सोच रखते हैं तो आप जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकते हैं क्योंकि मेहनत ही सफलता की कुंजी है. मन में सोच और जज़्बा हो, मेहनत करने की लगन हो, तो आप जीवन में फर्श से अर्श तक पहुंच सकते हैं. नवचयनित आईपीएस जगदीश बांगड़वा(Jagdish Bangarwa) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. आज इन्हें सुनना हर छात्र और युवा के लिए बेहद जरूरी है. खासकर उन छात्रों को जो छात्र जीवन में फेल होने के बाद निराशा से भर जाते हैं और आगे बढ़ने का साहस नहीं जुटा पाते.

बाड़मेर के एक छोटे से गांव बायतु(Baytu) कस्बे के रहने वाले जगदीश आज आईपीएस बन चुके हैं. आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि जगदीश दसवीं में फेल हो गए थे और 12वीं में गणित में महज 38 नंबर हासिल कर पाए थे. लेकिन इन्होंने हिम्मत नहीं हारी और उसी का नतीजा है कि भारतीय सिविल सेवा(Indian Civil Services) की परीक्षा 2018 में उन्हें 486वां रैंक हासिल हुआ. आज जगदीश बांगड़वा की सफलता की कहानी सभी बच्चों के लिए प्रेरणादायक है.

नवचयनित आईपीएस जगदीश बांगड़वा का कहना है कि अगर उन्हें मौका मिलता है, तो वो मारवाड़(Marwar) में महिलाओं की शिक्षा के लिए काम करना चाहते हैं. ताकि महिलाओं का जीवन बदल सकें और उनके उत्थान के लिए काम कर सकें. जगदीश बांगड़वा की कहानी उन सभी छात्रों और बच्चों के लिए मिसाल है जो जीवन में फेल होने या कम मार्क्स की वजह से हिम्मत हार जाते हैं एक छोटे से गांव से निकलकर तमाम बाधाओं को पार कर मंजिल तक पहुंचने का जगदीश बांगड़वा का सफर बेहद शानदार है.

Jasmine Sharma, News Desk