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दूदू में खनन माफियाओं का आतंक, कई मकानों में आई दरारें

विधानसभा के पहले सत्र में आए दिन अवैध खनन को लेकर मामला उठाया जा रहा है. लेकिन इसके बाद भी राजधानी के दूदू क्षेत्र की पहाडियों में अवैध रूप से खनन किया जा रहा है

दूदू में खनन माफियाओं का आतंक, कई मकानों में आई दरारें
अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है

अमित यादव/जयपुर: जिले भर में अवैध खनन पर अंकुश लगाने और कार्रवाई करने को लेकर प्रशासन दावें तो करता है, लेकिन जयपुर के दूदू उपखंड क्षेत्र में प्रशासन के सभी दावों की पोल खुलती नजर आ रही है. प्रशासन की उदासिनता से खनन माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद है. अवैध खनन की समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है. जयपुर के दूदू उपखंढ के मौखमपुरा गांव में खनन माफिया ने अवैध खनन कर पहाडी को तहस नहस कर दिया. 

खननकर्ता पौकलेन और जैसीबी के सहारे कुछ ही दिनों में पहाडी को दीमक की तरह चट कर गए. एनजीटी ने अवैध खनन और ब्लास्टिंग पर पूरी तरह प्रतिबंद लगा रखा है, लेकिन नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से ब्लास्टिंग भी की जा रही है. जिससे पहाड़ी के आसपास के मकानों में दरारे तक आ गई. ऐसे में ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर है.

हालांकि विधानसभा के पहले सत्र में आए दिन अवैध खनन को लेकर मामला उठाया जा रहा है. लेकिन इसके बाद भी राजधानी के दूदू क्षेत्र की पहाडियों में अवैध रूप से खनन किया जा रहा है. इस खनन पर खान विभाग की रहस्यमय चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है. अवैध खनन पर अंकुश लगाने और कार्रवाई करने को लेकर प्रशासन दावें तो करता है. लेकिन राजधानी के दूदू क्षेत्र में प्रशासन के सभी दावों की पोल खुलती नजर आ रही है.

अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है. क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रतिक नानक ग्वाल बाबा का देवस्थान भी पहाड़ी पर स्थित है. जहां रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे है. ऐसे में खनन माफिया ने देवस्थान को भी नहीं छोड़ा और मंदिर के आसपास भी खनन कर रहे है. जिससे देवस्थान के अस्तित्व को खतरा है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कई बार शिकायतें की लेकिन मिलीभगत के इस खेल में हर बार उनकी दलिलों को दरकिनार कर दिया गया.

खनन के दौरान उड़ती धूल से अधिकांश ग्रामीण कई बीमारियों से ग्रसित है. उड़ती धूल के कारण ग्रामीणों के फेफड़े जाम हो चुके जिससे उनको सांस लेने में तकलीफ होने लगी है. जनता लगातार सिलकोसिस और दमा जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रही है. बावजूद इसके कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारी मौन धारण किए हुए हैं. हालांकि, अवैध खनन को लेकर विभागीय अधिकारियों के पास शिकायत भी पहुंचती है, लेकिन लम्बे समय से विभाग ने कोई अभियान नहीं चलाया है. ऐसे में अवैध खननकर्ताओं के हौसले बुलंद है लेकिन कार्रवाई को लेकर खान विभाग और प्रशासन ने आंख मूंद रखी है.