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झालावाड़ में आवारा पशुओं का आतंक, दर्जनों राहगीर घायल

हालत तो यह है कि 2 दिन पूर्व भी आवारा सांड ने एक बुजुर्ग को सींग मार कर गंभीर घायल कर दिया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई. 

झालावाड़ में आवारा पशुओं का आतंक, दर्जनों राहगीर घायल
पचार के दौरान गंभीर घायल बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया.

महेश परिहार/झालावाड़: झालावाड़ जिले का झालरापाटन शहर इन दिनो इन दिनों आवारा पशुओं और भारी भरकम सांडों का आतंक झेल रहा है. शहर की सड़कों पर आवारा सांडो और मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है जिसके चलते आए दिन राहगीर और वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होते हैं. जब कभी यह सांड आपस में लड़ाई शुरू करते हैं तो सड़क पर चलते बच्चे बुजुर्ग और महिलाओं सहित दोपहिया और चार पहिया वाहनों का भी हश्र बुरा होता है. कई वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, तो कहीं बच्चों बुजुर्गों और महिलाओं के घायल होने की सूचनाएं मिलती है. हालत तो यह है कि 2 दिन पूर्व भी आवारा सांड ने एक बुजुर्ग को सींग मार कर गंभीर घायल कर दिया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई. 

वहीं बुजुर्ग शख्स जिसका नाम घासी खान है उसे भी आवारा सांड ने उठा कर फेंक दिया और शरीर की दर्जनों हड्डियां टूट गई. बुजुर्ग के परिजन उसे झालावाड़ जिला चिकित्सालय लाए, जहां दूसरे दिन उपचार के दौरान गंभीर घायल बुजुर्ग घासी खान ने दम तोड़ दिया.

आखिर कौन है घासी खान का कातिल ? आखिर क्यों एक सांड ने इस बुजुर्गों का कत्ल कर दिया? क्या इसके पीछे झालरापाटन नगर पालिका प्रशासन जिम्मेदार नहीं है. खास बात तो यह है यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी बुजुर्ग की सांड के हमले से मौत हो गई हो. बीते 10 माह में 6 लोगों ने सांड के हमले से घायल होकर दम तोड़ दिया है. कुछ माह पहले भी झालरापाटन के दाऊदी बोहरा समाज के कब्रिस्तान में किसी मरहूम परिजन की कब्र पर फूल चढ़ाने गया मुंबई से आया एक परिवार भी सांड के हमले का शिकार हो गया. जिसके कारण एक महिला और बुजुर्ग को सामने सींघ मार कर घायल कर दिया था. 

आसपास मौजूद आधा दर्जन लोगों ने किसी तरह सांड को काबू कर रस्सियों से बांधा. वहीं ही झालरापाटन के ही वसुंधरा कॉलोनी इलाके में देर रात घर के बाहर खड़े बुजुर्ग को भी एक साथ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगी,

आवारा मवेशियों से परेशान शहर के नागरिकों ने कई बार नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए हंगामा भी किया, लेकिन मिला सिर्फ आश्वासन, लेकिन कारवाही कुछ नहीं हुई, ऐसे में अब 2 दिन पूर्व एक और बुजुर्ग की सांड के हमले से हुई मौत के बाद भी नगर पालिका प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है. हालांकि जब झालरापाटन नगर पालिका अध्यक्ष अनिल पोरवाल से बात की तो जवाब भी बड़ा हैरान करने वाला था. उन्हें कभी इन्हें चुनाव का डर सता रहा था तो कभी गौ रक्षकों का बहाना बना रहे थे, लेकिन नागरिकों की परेशानी को समझे तो कौन.