6 महीने पहले हुए विलय पर बीजेपी का आरोप, विधानसभा में उठाया अमान्य करार देने की मांग

बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी के समक्ष एक याचिका लगाई है.

6 महीने पहले हुए विलय पर बीजेपी का आरोप, विधानसभा में उठाया अमान्य करार देने की मांग
स्पीकर इस याचिका पर विधानसभा सत्र के बाद ही विचार करेंगे.

जयपुर: बहुजन समाज पार्टी के विधायकों का कांग्रेस विधायक दल में विलय को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं. तकरीबन 6 महीने पहले सितंबर में हुए विलय के बाद बीजेपी की नींद अब खुली तो पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के समक्ष एक याचिका लगाई है. दिलावर ने इस याचिका में बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देने की मांग की है. हालांकि, स्पीकर इस याचिका पर विधानसभा सत्र के बाद ही विचार करेंगे. इस बीच याचिका के बाद बसपा ने बीजेपी नेताओं के ज्ञान पर सवाल उठाए हैं.

16 सितंबर 2019 को बसपा के 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय करके अशोक गहलोत सरकार ने एक मास्टर स्ट्रोक खेला. बसपा विधायक दल के नेता का कांग्रेस विधायक दल में विलय के बाद सरकार काफी आश्वस्त दिख रही थी, लेकिन राजनीति संभावनाओं का खेल है और इन्हीं संभावनाओं को टटोलते हुए बीजेपी ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के समक्ष इस विलय पर सवाल उठाते हुए एक याचिका लगाई है.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के साथ स्पीकर के पास पहुंचे पूर्व मंत्री और विधायक मदन दिलावर की तरफ से यह याचिका लगाई गई है. इस याचिका में बसपा विधायक दल के विलय को अमान्य करार देने की मांग की गई है. मदन दिलावर का तर्क है कि बहुजन समाज पार्टी राष्ट्रीय स्तर की पार्टी है, लिहाजा इसके विलय से पहले केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी भी ली जानी चाहिए थी. दिलावर ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व और बसपा सुप्रीमो मायावती की मंजूरी नहीं लेने के चलते राजस्थान में बसपा का कांग्रेस विधायक दल में विलय कानूनी रूप से गलत है और उन्होंने स्पीकर के समक्ष इसी मामले में फैसला देने की याचिका लगाई है.

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को गलत बताते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया कहते हैं कि पिछले कार्यकाल में तो कांग्रेस ने काठ की हांडी चढ़ाकर 5 साल निकाल दिए, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. स्पीकर के समक्ष याचिका लगाने के बाद फैसले का इंतजार कर रही बीजेपी दूसरे विकल्पों पर भी संभावनाएं तलाश रही है.

उधर स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने बीजेपी की तरफ से आई इस याचिका की पुष्टि करते हुए कहा कि फिलहाल विधानसभा का सत्र चल रहा है और सत्र के बाद वे मदन दिलावर की तरफ से आई इस याचिका पर विचार करेंगे. स्पीकर ने कहा कि कानूनी मामलों के जानकारों से बात करने के बाद ही इस मामले में न्यायोचित फैसला लिया जाएगा.

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भले ही स्पीकर विधानसभा सत्र के बाद इस मामले पर विचार करने की बात कह रहे हों, लेकिन बसपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले और कांग्रेस में विलय कर चुके विधायक जोगिंदर सिंह अवाना का कहना है कि बीजेपी हर मामले पर भ्रांति फैलाना चाहती है. अवाना ने इस मामले में भी मदन दिलावर को नियम कायदों की जानकारी लेने की नसीहत देते हुए कहा कि बसपा के विधायक दल का विलय कानूनी प्रावधानों के तहत ही हुआ है.