राजस्थान: पहली कैबिनेट बैठक पर दिखा लोकसभा चुनाव की तैयारियों का असर

2019 चुनाव को देखते हुए गहलोत सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए है. 

राजस्थान: पहली कैबिनेट बैठक पर दिखा लोकसभा चुनाव की तैयारियों का असर
जयपुर में गहलोत सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में लोकसभा चुनाव को देखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए है. (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान सरकार की पहली कैबिनेट और मंत्री परिषद की शनिवार को हुई बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण रही. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सीएमओ में आयोजित हुई इस बैठक में ना केवल जन घोषणा पत्र को सरकारी दस्तावेज बनाने का निर्णय लिया गया, बल्कि पंचायती राज चुनाव में शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान समाप्त करने सहित कई अहम निर्णय लिए गए. बैठक में संविदा कर्मियों की समस्याओं को दूर करने के लिए कमेटी का गठन हो या वृद्धावस्था पेंशन योजना में राशि बढ़ाने का मुद्दा हो कांग्रेस ने एक तरीके से लोकसभा चुनाव की तैयारी का आगाज कर दिया है. 
 
कैबिनेट की पहली बैठक के साथ ही अशोक गहलोत एक्शन मोड में नजर आ रही है. सीएमओ में आज कांग्रेस सरकार की पहली कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई. बैठक में शुरुआत के साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जन घोषणा पत्र की प्रति मुख्य सचिव को सौंपी और सर्वसम्मति से इसे सरकारी दस्तावेज बनाने का निर्णय लिया गया. जन घोषणा पत्र की क्रियान्वित समयबद्द और तत्परता से सुनिश्चित की जाए इसके लिए मंत्रिमंडलीय समिति का गठन करने का अधिकार मुख्यमंत्री को दिया गया है.

इसके अलावा मंत्रिमंडल की बैठक में अल्पकालीन फसल ऋण माफी के लिए अंतर विभागीय समिति गठित करने का फैसला भी लिया गया. मुख्यमंत्री इस समिति में सदस्यों को मनोनीत करेंगे. यह समिति सहकारिता क्षेत्र, राष्ट्रीयकृत, क्षेत्रीय, ग्रामीण और भूमि विकास बैंक की ऋण माफी के लिए पात्रता और मापदंड तय करेगी. 

 घोषणा पत्र और किसान ऋण माफी के अलावा बैठक में और भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इनमें सबसे महत्वपूर्ण स्थानीय निकायों में मेयर सभापति एवं चेयरमैन के चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन पद्धति से करवाने का निर्णय शामिल रहा. इसके अलावा पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनाव में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की शर्त को भी समाप्त करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. 

शनिवार की बैठक में कांग्रेस की पिछली सरकार में शुरू किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर और विधि विश्वविद्यालय और श्री हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया. इन दोनों विश्वविद्यालयों को भाजपा सरकार ने बंद कर दिया था. इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन योजना की राशि को बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया. इसमें पेंशन राशि प्रतिमाह ₹500 से बढ़ाकर 750 और ₹750 से बढ़ाकर ₹1000 करने का निर्णय लिया गया है. संविदा कर्मियों की समस्याएं दूर करने के लिए कमेटी का गठन होगा. मनरेगा और रिफाइनरी के काम को गति दी जाएगी. राज्य सरकार के लेटर पैड से दीनदयाल उपाध्याय का चित्र हटाने हटाकर अशोक स्तंभ के चिन्ह को लगाने का निर्णय और जनता की सुनवाई को सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान लोक सेवा कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने का फैसला हुआ है.  इसके अलावा सभी मंत्रियों को रोजाना सुबह 9 बजे से 10 बजे तक अपने आवास पर जनसुनवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.

विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव कांग्रेस की पहली बड़ी परीक्षा होगी. लेकिन इसके लिए कांग्रेस के पास महज 100 दिनों का ही समय शेष है. यही वजह है कि शनिवार की कैबिनेट और मंत्री परिषद की बैठकों में लिए गए निर्णय बताते हैं कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. देखना होगा कि अब मंत्रिमंडल के सदस्य और सरकारी मशीनरी इन योजनाओं को कितनी जल्द धरातल पर उतारने में कामयाब हो पाती है.