उच्च शिक्षा को लेकर बदलनी होगी युवाओं की सोच तभी देश आगे बढ़ेगा : सीएम

जयपुर में उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से थर्ड एनुअल हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन एंड एचआर कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है. 

उच्च शिक्षा को लेकर बदलनी होगी युवाओं की सोच तभी देश आगे बढ़ेगा : सीएम
मुख़्यमंत्री अशोक गहलोत

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से थर्ड एनुअल हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन एंड एचआर कॉन्क्लेव(Third Annual Higher and Technical Education and HR Conclave) का आयोजन किया जा रहा है. समारोह में मुख़्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा की सरकार ने राजस्थान में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया है और आईआईटी, एनआईटी तथा तकनीकी यूनिवर्सिटी बनाने का काम किया.

बता दें कि राजधानी जयपुर में उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से थर्ड एनुअल हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन एंड एचआर कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है. जिसका उद्धघाटन आज मुख़्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया. इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री भवंर सिंह भाटी और तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे.

उद्घाटन समारोह में मुख़्यमंत्री अशोक गहलोत ने संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को उच्च शिक्षा को लेकर सोच बदलनी होगी, तभी देश आगे बढ़ सकता है. अब शिक्षा में तकनीकी को साथ लेकर रोजगारपरक शिक्षा देने का काम किया जा रहा है. कॉन्क्लेव के जरिए युवा अपना टेलेंट दिखा रहे है. 70 साल पहले पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उच्च शिक्षा की ओर ध्यान दिया, जिसका आज परिणाम देखने को मिल रहा है.

साथ ही गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार ने उच्च शिक्षा में कौशल विकास की ट्रेनिंग शुरू की. इस नवाचार को प्लेटफार्म देने के लिए कम्पनियां और एनजीओ आगे आए तो रोजगार की समस्या हल हो सकती है. उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार के पहले बजट में 50 कॉलेज खोले. जिनके जरिये अब दूरदराज के विद्यार्थी उच्च शिक्षा ले पाएंगे. कार्यक्रम को उच्च शिक्षा मंत्री भवंर सिंह भाटी और तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग ने भी संबोधित किया.

इस मौके पर देश की टॉप 100 कम्पनियों के एचआर हैड, देश-विदेश के डेलीगेट्स, एंबेसडर और यूनिवर्सिटी के कुलपति, कॉलेजों के प्रिसिंपल सहित अन्य शिक्षाविद् शिरकत कर रहे हैं. जिसमें उच्च और तकनीकी शिक्षा में नवाचार करने, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उद्यमिता पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए आज और कल दो दिन तक मंथन किया जा रहा है. कार्यक्रम में फिनलैण्ड, जाम्बिया, इक्वाडोर, अफगानिस्तान और गोबान के राजदूत भी मौजजूद रहे.