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राजस्थान में नसबंदी के लिए इस महिला नर्स को मिला एक दर्जन पुरस्कार

बाड़मेर जिले की बायतु कस्बे के पास संतरा उप स्वास्थ्य केंद्र में लगी अनीता देवी की चर्चा इन दिनों बाड़मेर में नहीं पूरे राजस्थान में हो रही है. 

राजस्थान में नसबंदी के लिए इस महिला नर्स को मिला एक दर्जन पुरस्कार
एएनएम आरती ने जो काम किया है वह यकीनन काबिले तारीफ है.

भूपेश आचार्य/बाड़मेर: 15 अगस्त को पीएम मोदी ने बढ़ती जनसंख्या को लेकर चिंता जताई और कहा, 'हमारे यहां जो जनसंख्या विस्फोट हो रहा है, यह आने वाली पीढ़ी के लिए अनेक संकट पैदा करता है.' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस सपने को पंख लगाने में जुटी है बाड़मेर के वाली उप स्वास्थ्य केंद्र एएनएम जिसने अब तक पिछले साल में पूरे राजस्थान में पुरुष नसबंदी में पहला स्थान हासिल किया है. वहीं इस एएनएम हाल ही में 15 अगस्त को बाड़मेर जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया. उस एएनएम का नाम है अनीता देवी जिसने 2018- 19 में अपने उप स्वास्थ्य केंद्र से आठ पुरुषों की नसबंदी करवाई है. अनीता देवी अब तक 25 पुरुषों की नसबंदी करवा चुकी है. उसी का नतीजा है कि उसे अब तक 1 दर्जन सम्मान से सम्मानित हो चुकी है.
 
पश्चिमी राजस्थान का बाड़मेर जिला जहां पर किसी जमाने में बेटियों का होना अभिशाप माना जाता था. यहां पर आज भी ग्रामीण इलाकों में बहू बेटियां पुरुषों के बराबर खड़ी नहीं होती है. लेकिन आज जो हम आपको कहानी बताने जा रहे हैं वह बेहद चौका देने वाली है. बाड़मेर जिले की बायतु कस्बे के पास संतरा उप स्वास्थ्य केंद्र में लगी अनीता देवी की चर्चा इन दिनों बाड़मेर में नहीं पूरे राजस्थान में हो रही है. 

बाड़मेर के पुरुष प्रधान समाज में एएनएम ने जो काम किया है वह यकीनन काबिले तारीफ है इसीलिए इस एएनएम को हाल ही में 15 अगस्त को बाड़मेर के जिला प्रशासन की ओर से पूरे राजस्थान में प्रथम स्तर रहने पर सम्मानित किया गया है. अनीता देवी बताती है कि शुरू शुरू में पुरुषों की नसबंदी करवाना उसके लिए बड़ी टास्क थी, लेकिन पिछले आठ 9 साल से वह लगातार इस काम को बखूबी अंजाम दे रही है. पुरुष प्रधान समाज में अनीता देवी बताती है कि पुरुषों की नसबंदी करवाने के बारे में सोचना भी बड़ा पाप है, लेकिन मैंने इस काम को अंजाम देने के लिए ठान ली. उसी का नतीजा है कि मैंने अब तक 25 से ज्यादा पुरुषों की नसबंदी करवा चुकी हूं.

अगर जो हम बाड़मेर जिले की बात करें तो बाड़मेर जिले में 2018 -19 में महज 10 पुरुष नसबंदी हुई थी जिसमें अनीता देवी ने आठ पुरुषों की नसबंदी करवाई थी. जो कि अपने आप में चौका देने वाली बात है. जिले की चिकित्सा और मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी भी मानते हैं कि पुरुष प्रधान समाज में इस तरीके से अगर कोई एएनएम पुरुषों की नसबंदी करवाने में अहम रोल अदा कर रही है जो यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है. 

साथ ही मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी यह भी कहा कि इसी से सीख लेकर बाकी एएनएम को भी पुरुषों को नसबंदी के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार कर सकें. मोदी जी ने हाल ही में जनसंख्या वृद्धि को लेकर अपनी चिंता जाहिर की और कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए बहुत कदम उठाने चाहिए शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने में अनीता देवी का योगदान बड़ा काबिले तारीफ है.