टोंक के इस अस्पताल को डिलेवरी एक्सपर्ट हॉस्पिटल के रूप में मिल रही पहचान

अमूमन बीमार होने पर लोगों की पसंद प्राइवेट हॉस्पिटल होते हैं, लेकिन एक सरकारी अस्पताल जहां डॉक्टर, कंपाउंडरों के व्यवहार और कार्यकुशलता ने ऐसी छाप छोड़ी की दूर दूर के मरीज भी यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं.

टोंक के इस अस्पताल को डिलेवरी एक्सपर्ट हॉस्पिटल के रूप में मिल रही पहचान
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: अमूमन बीमार होने पर लोगों की पसंद प्राइवेट हॉस्पिटल होते हैं, लेकिन एक सरकारी अस्पताल जहां डॉक्टर, कंपाउंडरों के व्यवहार और कार्यकुशलता ने ऐसी छाप छोड़ी की दूर दूर के मरीज भी यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं.

कई बार सुनने को मिलता है कि डॉक्टर गांवों में काम नहीं करना चाहते. वह शहरों की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन टोंक जिले की निवाई तहसील की झिलाई ग्राम पंचायत में बना आदर्श सामुदायिक चिकित्सालय (Hospitals in Jaipur) ने नाम के अनुरूप अपनी छाप छोड़ी है. अभी अस्पताल को आदर्श पीएचसी का तमगा मिला है. चिकित्सक डॉ. विक्रम वर्मा ने कहा कि आदर्श पीएचसी बनने के बाद सुविधाएं विकसित होंगी. इससे पहले भी कम सुविधाओं में भी पूरे मन से काम करते थे. हमारे लिए दिन हो या रात मरीज की सेवा ही पहला फर्ज होता है.

डिलेवरी एक्सपर्ट के रूप में जानते अस्पताल को
यह छोटी डिस्पेंसरी से अस्पताल आज आदर्श पीएससी तक पहुंच गया है. यहां के स्टाफ के व्यवहार, कार्यकुशलता से तो यहां के लोग वाकिफ हैं ही, लेकिन अब इस अस्पताल को डिलेवरी एक्सपर्ट अस्पताल के रूप में भी पहचान मिलने लगी है. यहां आसपास ही नहीं दूसरे जिलों से भी गृर्भवती महिलाएं डिलेवरी के लिए पहुंचती है. मेल नर्स प्रथम राजेश शर्मा ने बताया कि अन्य बीमारियों के साथ ही डिलेवरी अस्पताल के रूप में इसको काफी पहचान मिली है. उन्होंने बताया कि एक केस तो जयपुर के निजी अस्पताल से भी यहां पहुंचा है. जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन बोल दिया था, हमने नॉर्मल डिलेवरी करवाई.

अस्पताल की बात की जाए तो अभी तक एक भी डिलेवरी केस यहां बिगड़ा नहीं है. सभी की नॉर्मल डिलेवरी यहां करवाई गई है. जबकि रैफर रेट भी 0.10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं है.

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