उदयपुर: जरूरतमंदों के लिए यह पुलिस जवान बना 'मसीहा', नौकरी के साथ कर रहा कुछ ऐसा...

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने प्रदेश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी. जिससे लोगों अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे है.

उदयपुर: जरूरतमंदों के लिए यह पुलिस जवान बना 'मसीहा', नौकरी के साथ कर रहा कुछ ऐसा...
पहले दिन करीब तीन सौ पैकेट भोजन के वितरित किए थे.

अविनाश जगनावत/उदयपुर: कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण को लेकर सरकार ने पुरे राजस्थान को लॉकडाउन (Lockdown) कर रखा है. जिसे सफल बनाने की पुरी जिम्मेदारी पुलिस ने अपने कंधों पर उठा रखी है. लेकिन उदयपुर में एक थाने के जवान ऐसे भी हैं जो दिन में लॉकडाउन में अपनी ड्यूटी निभाता है और रात को उन लोगों की मदद करने में जुट जाता है, जिन्हे लॉकडाउन के कारण दो वक्त का खाना तक नसीब नहीं हो पा रहा है.

'अम्मा आप ने आज खाना खाया कि नहीं, भाई तुमने खाना खा लिया क्या.' खाकी वर्दी पहन कर शहर के फुटपाथ और रोड़ किनारे सो रहे लोगों से कुछ इसी तरह बात करते हैं हिरणमगरी थानाधिकारी हनवंत सिंह राजपुरोहित और उनकी टीम के सदस्य. दरअसल, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने प्रदेश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी. जिससे लोगों अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे है.

इस लॉकडाउन का सबसे बडा खामियांजा लावारिस, बेसहारा और दिहाड़ी मजुदरों को चुकाना पड़ रहा है. आमतौर पर उन्हे आसानी से खाना उपलब्ध हो जता है, लेकिन लॉकडाउन के कारण उन्हे खाना मिलने में काफी परेशानी हो रही है. ऐसे में हिरणमगरी थाना पुलिस और पिंक पर्ल सोसायटी बडगांव के सदस्यों ने मिल कर ऐसे लोगों को खाना खिलाने का जिम्मा उठाया है. ये लोग खाने के पैकेट तैयार कर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा रहे है.

हिरणमगरी थाना पुलिस और सोसायटी के सदस्य लॉकडाउन के पहले दिन से ही जरूरतमंदों को खाना उपलब्ध करवा रहे हैं. पहले दिन उन्होने करीब तीन सौ पैकेट भोजन के वितरित किए थे. लेकिन कम पड़ने पर उनकी संख्या बढ़ा कर अब 600 कर दी गई है. जरूरतमदों को खाना उपलब्ध करवाने को को लेकर शुरू किए गए इस प्रयास के पहल ही कदम पर इनकों एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा.

दरअसल, लॉकडाउन के दौरान खाना बनाने के लिए लोग नहीं मिल पाए. ऐसे में सोसायटी से जुड़े लोगों ने अपने हाथों से ही खाना बनाने का निर्णय लिया. अब सभी लोग सुबह से ही एकजुट हो कर 600 पैकेट खाना तैयार करने में जुट जाते हैं और फिर इसे उन लोगों तक भी पहुंचा रहे है, जिन्हे इसकी बेहद जरूरत है. बहरहाल, लॉकडाउन के बीच हिरणमगरी थाना पुलिस और पिंक पर्ल सोसायटी की यह पहल बेहद सराहनीय है.