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उदयपुर के इस समाजसेवी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाया कदम, गांव लिया गोद

लोगों की प्यास बुझाने वाले समाज सेवी ने अब पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाते हुए गांवों को गोद लेकर उन्हें हरा-भरा करने का बीड़ा उठाया है. 

उदयपुर के इस समाजसेवी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाया कदम, गांव लिया गोद
समाज सेवी ने अपनी जन्मस्थली धम्बोला गांव को गोद लिया है.

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: प्रदेश के डूंगरपुर जिले में गर्मी के मौसम में जल संकट प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर्स से लोगों की प्यास बुझाने वाले जल देवता के नाम से मशहूर समाज सेवी हरीश मेहता ने अब पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाया है. समाज सेवी हरीश मेहता ने गांवों को गोद लेकर उन्हें हरा-भरा करने का बीड़ा उठाया है. जिसके तहत गोद लिए गांवों के सघन पौधरोपण करते हुए आमजन व बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक कर रहे है. इसकी शुरुआत मेहता ने अपनी जन्मभूमि धम्बोला गांव से की है.

समाज सेवी हरीश मेहता जिन्हें डूंगरपुर की जनता जल देवता के रूप में पहचानती है. गर्मी के मौसम में जब भी किसी गांव या मोहल्ले में पानी की किल्लत होती है तब हरीश मेहता उस जल प्रभावित गांव व मोहल्ले में लोगों की प्यास बुझाने के लिए पानी का टेंकर लेकर पहुंच जाते है. वहीं लोगों की प्यास बुझाने वाले समाज सेवी हरीश मेहता ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाते हुए गांवों को गोद लेकर उन्हें हरा-भरा करने का बीड़ा उठाया है. 

अपनी इस पहल की शुरुआत में हरीश मेहता ने अपनी जन्मस्थली धम्बोला गांव को गोद लिया है और उसके तहत हरीश मेहता ने परिवार जनो सहित पूजा-अर्चना के साथ गांव में पौधरोपण अभियान की शुरुआत की. मेहता ने पहले वर्ष ने गांव में 101 पौधे लगते हुए उन पौधो के संरक्षण तथा पौधे बड़े होने तक उनकी सुरक्षा की भी व्यवस्था की है. मेहता ने बताया कि अगले 5 सालों तक वे हर साल गांव में 100 नए पौधे लगाएंगे और बड़े होने तक उन पौधो की देखभाल करेंगे. 

मात्र भूमि का कर्ज चुकाने व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इस अनोखे तरीके को देखकर गांव वाले भी हरीश मेहता के साथ हो गए और सभी ने मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाने का जिम्मा उठाया. इस मौके पर ग्रामीणों और स्कूली विद्यार्थियों ने हरीश मेहता से प्रेरणा लेते हुए पर्यावरण के प्रति जागरूक रहकर हर साल एक या दो पौधे लगाने के साथ उनका संरक्षण करने की शपथ भी ली. 

वाकई में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में समाज सेवी हरीश मेहता की ये पहल सभी के लिए अनुकरणीय है, लेकिन इस पहल का कितना लाभ क्षेत्र को होगा ये तो वाने वाला वक्त बतायेगा. लेकिन वर्तमान समय में आवश्यकता है हरीश मेहता की तरह प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाये.