डूंगरपुर: बजट के कारण अधर में लटकी सरकारी योजनाएं, बच्चों को नहीं मिल रहा लाभ

सरकार गरीबों, अनाथों, बेसहारा लोगों की जिन्दगी बदलने के लिए सरकार तमाम योजनाएं चलाती हैं. 

डूंगरपुर: बजट के कारण अधर में लटकी सरकारी योजनाएं, बच्चों को नहीं मिल रहा लाभ
रकार की पालनहार योजना का लाभ आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में एसटी वर्ग के लाभार्थियों नहीं मिल रहा है.

अखिलेश शर्मा, डूंगरपुर: सरकार गरीबों, अनाथों, बेसहारा लोगों की जिन्दगी बदलने के लिए सरकार तमाम योजनाएं चलाती हैं. ताकि गरीबों की जिन्दगी बदल सके, लेकिन गरीबों को संबल देने के लिए चल रही सरकार की पालनहार योजना का लाभ आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में एसटी वर्ग के लाभार्थियों नहीं मिल रहा है. 

सरकार की पालनहार योजना का लाभ विधवा पालनहार, नाता, अनाथ, विधवा महिला के बच्चे, तलाकशुदा महिला के बच्चे, एचआईवी ग्रसित पीड़ित माता-पिता के बच्चे, कुष्ठ रोग से ग्रसित माता-पिता के बच्चे, दिव्यांग माता-पिता के बच्चे, कोर्ट से आजीवन कारावास या मृत्यु दंड दिए गए व्यक्ति के बच्चों को दिया जाता है. 

1 महीने से 5 साल तक के बच्चों के लिए हर महीने 500 रुपये दिए जाते हैं. वहीं 6 से 18 साल तक के बच्चों को हर महीने 1 हजार रुपये दिए जाते हैं. इसके अलावा विधवा एवं नाता पालनहार श्रेणी के अतिरिक्त सभी श्रेणियों के पालनहारों को प्रति बच्चा 2000 रुपये वार्षिक अलग से देय होता है, लेकिन डूंगरपुर जिले में पिछले कई महीनों से सरकार की ओर से एसटी वर्ग के बच्चों के लिए बजट जारी नहीं होने से हजारों आदिवासी बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. बिछीवाड़ा ब्लॉक में दिसम्बर 2018 से झोथरी ब्लाक में फ़रवरी 2019 और कई ब्लॉक्स में जून 2019 महीने से बजट नहीं मिल पा रहा है, जिससे बच्चों के लालन-पोषण में परेशानी हो रही है. 

ब्लॉक वार एसटी वर्ग के बच्चों को कितनी राशि कब से बकाया है
ब्लॉक             कब से बकाया                   बजट
1. आसपुर       जुलाई 2019               13 लाख 70 हजार 
2. बिछीवाड़ा    दिसम्बर 2018             61 लाख 40 हजार 
3. चिखली       जून 2019                   12 लाख
4, दोवड़ा         अगस्त 2019               25 लाख 75 हजार 
5, डूंगरपूर       जुलाई 2019                 22 लाख 48 हजार 
6, गलियाकोट  सितम्बर 2019            14  लाख 5 हजार 
7, झोथरी        फ़रवरी 2019                53 लाख
8, साबला        अगस्त 2019               9 लाख 7 हजार 
9, सागवाड़ा     अगस्त 2019               37 लाख 75 हजार 
10, सीमलवाड़ा जुलाई 2019               10 लाख 29 हजार 
    कुल                                 2 करोड़ 59 लाख 49 हजार 

पूरे मामले में सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक का कहना है कि बजट के आभाव के चलते लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं दे पा रहे है. 

बहरहाल, विभागीय अधिकारी जल्द ही बजट जारी होने की बात कर रहे है, लेकिन लम्बे समय से बजट का आवंटन नहीं होने से योजना का सफल क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है.