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कोटा: मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में आई रणथंभोर की रानी, अब बाघों के 2 जोड़े करेंगे चहलकदमी

आपको बता दें कि, शुक्रवार को दोपहर में चौथे टाइगर टी- 83 ने अपना पहला कदम दरा क्षेत्र में बने एनक्लोजर में रखा है. 

 कोटा: मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में आई रणथंभोर की रानी, अब बाघों के 2 जोड़े करेंगे चहलकदमी
फिलहाल 82 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चारदीवारी में इसका बसेरा रहेगा. (फाइल फोटो)

कोटा: राजस्थान के कोटा जिले के मकुंदरा टाइगर रिजर्व में रणथंभोर से टी-83 नामक टाइगर आ चुकी है. टाइगर T-83 के मुकुंदरा पहुंचने के बाद, अब यहां बाघों के 2 जोड़े चहलकदमी करेंगे. जिससे यहां बाघों का कुनबा भी बढ़ेगा. हाड़ौती स्थित टाइगर रिजर्व पार्क अब इनकी दहाड़ से गुंजायमान होगा. 

आपको बता दें कि, शुक्रवार को दोपहर में चौथे टाइगर टी- 83 ने अपना पहला कदम दरा क्षेत्र में बने एनक्लोजर में रखा है. टाइगर टी- 83 को भी रणथंभोर रिजर्व सेंच्यूरी से ट्रेंकुलाइज कर यहां छोड़ दिया गया है. बताया जा रहा है कि वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों की टीम ने बाघ को पूरी तरह बेहोश होने के बाद उसे स्ट्रेक्चर पर रखा और पिंजरे में शिफ्ट कर रणथंभोर से सड़क मार्ग के जरिए यहां पहुंचाया है.

82 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चारदीवारी में रहेगा बसेरा
फिलहाल टी -83 को सॉफ्ट रिलीज के लिए बनाए गए 28 हेक्टेयर के एनक्लोजर में छोड़ा जाएगा. बता दें, मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में 82 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चारदीवारी बाघों और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए बनाई गई है. यहां बाघों के लिए भोजन और पानी समेत सुरक्षा की वयवस्था की गई है.  

वन्यजीव प्रेमियों की बढ़ी उम्मीद
पहले फेज में यहां पर दो बाघिन और दो बाघ को छोड़ा जाना प्रस्तावित था. हाड़ौती के वन्यजीव प्रेमियों ने बाघ के आने पर वन्य जीवों के बेहतर भविष्य की उम्मीद जताई है. इससे पहले टाईगरों की सुरक्षा पर कई सवाल भी उठ रहे थे.