चीन के भारतीयों को अलवर लाए जाने पर श्रम मंत्री का बयान, बोले- ये कोई चारागाह थोड़े...

श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने भी वहां से लोगों को चीन से अलवर लाए जाने के फैसले का विरोध किया है. उन्होंने यहां तक कहा कि अलवर कोई चारागाह थोड़े ही है, जो यहां लाया जा रहा.

चीन के भारतीयों को अलवर लाए जाने पर श्रम मंत्री का बयान, बोले- ये कोई चारागाह थोड़े...
डॉक्टर्स कह रहे हैं कि चीन से आए लोगों का पहले दिल्ली में चेकअप किया जाएगा.

जुगल किशोर, अलवर: चीन के वुहाना में फैले कोरोना वायरस के बाद वहां से छात्रों और अन्य भारतीयों को एयरलिफ्ट कर भारत सरकार के फैसले के अनुसार देश के अन्य जगहों पर रखा जाएगा. इनमें इन लोगों को अलवर के ईएसआई हॉस्पिटल में भी बनाए आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा.

इसे लेकर स्थानीय लोगों में वायरस को लेकर एक चिंता नजर आ रही है कहीं वायरस यहां तो नहीं फैल जाएगा. श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने भी वहां से लोगों को चीन से अलवर लाए जाने के फैसले का विरोध किया है. उन्होंने यहां तक कहा कि अलवर कोई चारागाह थोड़े ही है, जो यहां लाया जा रहा.

दरअसल, 1 फरवरी को जूली के विधानसभा क्षेत्र में एक हजार की लागत से बने ईएसआई हॉस्पिटल पर स्थानीय लोगों सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. वहीं, डॉक्टर्स कह रहे हैं कि चीन से आए लोगों का पहले दिल्ली में चेकअप किया जाएगा और किसी भी संक्रमित को अलवर नहीं लाया जा रहा. 1 फरवरी की शाम को अलवर राजकीय सामान्य अस्पताल में अचानक चेकअप कराने पहुंचे एक मरीज ने जब बताया कि वह चीन से आया है तो वहां हड़कंप मच गया.

डॉक्टर भी उसे छोड़कर बाहर आ गए
किशनगढ़बास के गागलहेड़ी गांव निवासी 26 वर्षीय प्रदीप ने बताया कि वह चीन से आया है और चेकअप कराना है. यह सुनते ही एक बार तो डॉक्टर भी उसे छोड़कर बाहर आ गए. 

इस बीच डॉक्टर्स की टीम ने उसका चेकअप पर उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया है. अब उसे 14 दिन तक मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा. डॉक्टर्स ने बताया यह युवक चीन के वुहाना से नहीं आया, जहा यह बीमारी फैली है. यह युवक शिजेझुआंग की हेबेई मेडिकल यूनिवर्सिटी का छात्र है. वह 30 जनवरी को अलवर आया है. दिल्ली एयरपोर्ट पर उसकी पूरी स्क्रीनिंग हो चुकी है, जिसमें कारोंना वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले हैं.

श्रम मंत्री का शर्मनाक बयान 
श्रम मंत्री के बयान की कि अलवर कोई चारागाह नहीं है, जो चीन से अलवर लाया जा रहा है, इसकी निंदा जरूर हो रही है. लोगों का कहना है कि मंत्री जी आपके परिवार से कोई होता तो आपका क्या रुख रहता? सिर्फ केंद्र सरकार का विरोध करना भी राजनीति का स्तर गिरा रहा है.