टोंक: खनन माफिया के गिरफ्त में अरावली की पहाड़ियां, पुलिस बेफिक्र

वन विभाग के अधिकारी और खनन माफियाओं की मिली भगत ऐसी है कि पत्थरों से भरे वाहन दौडते रहते है और रेंजर खर्राटे भरते रहते है.

टोंक: खनन माफिया के गिरफ्त में अरावली की पहाड़ियां, पुलिस बेफिक्र
टॉस्क फोर्स भी कागजों में ही काम कर रही है.

टोंक: राजस्थान के लखनऊ के नाम प्रसिद्ध नवाबी नगरी टोंक में अरावली की पहाड़ियां विलुप्त होने के कगार पर हैं. खबर के मुताबिक बीसलपुर बांध से लेकर टोडारायसिंह, मालपुरा, टोंक होते हुए बनेठा तक फैली अरावली पहाड़ियां पिछले कुछ सालों से खनन माफियाओं की मनमानी के कारण उजड़ती जा रही है. खनन माफियां खुलेआम विस्फोटकों से अरावली पहाड़ियों में अवैध खनन कर जमकर ट्रकों के माध्यम से परिवहन कर रहे है. यहां तक की पुलिस को भी इसकी कोई परवाह नहीं है.

स्थानीए लोगों का कहना है कि इन खनन माफिया के साथ पुलिस की भी मिली भगत है. खबर के मुताबिक टोडारायसिंह में जहां पुलिस थानों के बाहर से ट्रैक्टर गुजरते देखे जाते है. लेकिन पुलिस महकमा इससे पूरी तरह बेफिक्र है. बता दें कि दिन रात ये खनन माफिया टोंक के जिला कार्यालय, पुलिस अधिक्षक, आवास वन विभाग की चौकियों के सामने ही बिना डर के धड़ल्ले से दौड़ते है.

स्थानीए लोगों  का  कहना है कि तेज रफ्तार से दौड़ते वाहन आम जनता को रातभर सोने भी नहीं देते. कई बार इसे लेकर पुलिस से शिकायतें भी की गई लेकिन पुलिस, वन विभाग के अधिकारियों ने इन शिकायतों को अनदेखा कर दिया. 

इतना ही नहीं गांवों की स्थिति तो उससे भी ज्यादा बदहाल है. वन विभाग के अधिकारी और खनन माफियाओं की मिली भगत ऐसी है कि पत्थरों से भरे वाहन दौडते रहते है और रेंजर खर्राटे भरते रहते है. स्थानीए लोगों ने अलीगढ़ रेंज के भोजपुरा नाके के अधिकारी फरीद खान का सोते हुए वीडियो भी बनाया जिसमें उनके ही सामने से खनन माफिया अपना काम कर रहे हैं और फरीद खान सो रहे हैं. बता दें की उस इलाके में अरावली पहाड़ियों में हो रहे अवैध खनन को रोकने की जिम्मेदारी फरीद खान के हाथों में ही है.

लेकिन जब इस मामले पर मीडिया ने पुलिस से सवाल पूछा तो वह परी मसले पर सफाई देते हुए और पुलिस का बचाव करते नजर आए. बता दें कि खनन माफिया के लिए अजमेर सम्भाग से एक विशेष टॉस्क फोर्स तैनात की गई है. जिसमें वन विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग और अन्य विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है. लेकिन यह टॉस्क फोर्स भी कागजों में ही काम कर रही है.

हालांकि वन विभाग के नियम तो इतने कड़े है कि एक बार अगर कोई वाहन या व्यक्ति अवैध खनन में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भारी भरकम जुर्माना लगाया जाता है. अगर तीन बार कोई वाहन अवैध खनन का परिवहन करते पाया जाता है तो उस वाहन को सीज कर दिया जाता है. लेकिन फिर भी खनन माफियोओं को इसका कोई परवाह नहीं है.