टोंक: चलती कार में बैठकर IPL मैच पर सट्टा लगा रहे थे पिता-पुत्र, हुए गिरफ्तार

वैसे तो जुआं और सट्टा राजस्थान के लिए कोई नई बात नहीं है. सालों से चोरी छिपे यह कारोबार चलता आ रहा है.

टोंक: चलती कार में बैठकर IPL मैच पर सट्टा लगा रहे थे पिता-पुत्र, हुए गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर.

पुरुषोत्तम जोशी, टोंक: जिले में लगातार जुएं सट्टे का कारोबार पल फूल रहा है. ऐसे में पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश ने कार्रवाई के लिए स्पेशल टीम गठित की. जिला स्पेशल टीम आज बड़ी कार्रवाई को अंजाम देकर चलती गाड़ी में आईपीएल पर सट्टा लगाने वाले पिता-पुत्र सहित तीन शातिर सटोरियों को गिरफ्तार लाखों की नगदी और करोड़ों का हिसाब जब्त किया है. साथ ही दो दर्जन मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं.

वैसे तो जुआं और सट्टा राजस्थान के लिए कोई नई बात नहीं है. सालों से चोरी छिपे यह कारोबार चलता आ रहा है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई सटोरिया पुलिस को चकमा देने के लिए चलती कार में ही सट्टा लगाता पुलिस के हत्थे चढ़ गया. 

पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश की मानें तो निवाई शहर के कसाइयों का मोहल्ला में कल्लू खां के मकान में तीन शातिर सटोरिए दीपक जैन, नरेश जैन और घनश्याम खंगार राजस्थान और हैदराबाद के बीच चल रहे आईपीएल मैच पर लोगों को मोटा मुनाफा का झांसा देकर खाईवाली करते डिप्टी चंद्रसिंह रावत ने डीएसटी टीम के सहयोग के गिरफ्तार कर लिया. तीनों शातिर आरोपियों के कब्जे से 5लाख 63 हजार 650 रुपये नगद बरामद किए साथ ही 21 छोटे बड़े मोबाइल और एक लैपटॉप भी जब्त किया और एक स्कूटी के साथ करोड़ो के हिसाब किताब की पर्चियां भी बरामद की हैं.

हैरत की बात तो यह है यह तीनों शातिर सटोरिए निवाई से सुबह कार में बैठकर घर से निकलते और पड़ोसी जिलों की बॉर्डर पर जाकर सट्टे के कारोबार को अंजाम दे रहे हैं. बीती रात जब यह घर लौटे कल्लू खां के मकान की छत पर कमरे में सट्टा लगाते रंगे हाथ दबोच लिया. पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश ने अंदेशा जताया है कि इन सटोरिये के कई पड़ोसी राज्यों के गिरोह से भी तार जुड़े हो सकते हैं.

फिलहाल मोबाइल फोनों की जांच पड़ताल की जा रही है. इनकी जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिसमें कई पूंजीपति भी सट्टे के कारोबार में लिप्त पाए जा सकते हैं फिलहाल तीनों सटोरियों से पुलिस पूछताछ कर रही है.

सटोरियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के लिए बड़ी चुनौती इनके सरपरस्तों और सट्टे के इस गिरोह से जुड़े लोगों को पकड़ने की होगी. आखिर कहां से कहां तक इनके तार जुड़े हैं और कौन पूंजीपति हैं, जो सट्टे में लिप्त हैं.