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Tonk News: राजस्थान के टोंक जिले में राजमहल रपटे पर लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद भी बजरी माफिया का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस रपटे से अब तक कई ट्रैक्टर, पिकअप और बाइक बह चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद बजरी माफिया बेखौफ होकर इस रास्ते से अपने ट्रैक्टर निकालते नजर आ रहे हैं.
स्थानीय प्रशासन द्वारा इस मार्ग को रात के समय बंद कर दिया गया था, ताकि हादसों पर रोक लगाई जा सके, लेकिन माफिया इतनी हिम्मत से लबरेज हैं कि वे प्रशासन की रोक-टोक की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में इस बंद रपटे को चालू कर देते हैं और अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर पार करवाते हैं.
हाल ही में एक ट्रैक्टर की तस्वीर कैमरे में कैद हुई, जो इस बात का खुला सबूत है कि नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि या तो पुलिस और प्रशासन की इन पर कोई पकड़ नहीं है या फिर सबकुछ मिलीभगत से चल रहा है.
क्या बजरी माफिया के आगे प्रशासन ने घुटने टेक दिए हैं. आखिर कब तक ये जानलेवा रास्ता आम लोगों और चालकों की जिंदगी को खतरे में डालता रहेगा.
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टोंक जिले में इस मानसून सत्र में अब तक 1190 एमएम औसत बरसात के बाद सभी नदी, नाले और तालाब पानी से लबालब हैं और जिले में अब तक लगभग 50 लोगों की पानी में डूबने से मौत हो चुकी है, लेकिन सिलसिला नहीं रुक रहा है. सोमवार की दोपहर एक बार फिर से निवाई की पहाड़ी के पीछे बोरंगी तालाब से दो बच्चों के शव SDRF की टीम ने निकाले.
यह दोनों बच्चे रविवार की शाम से ही घर से गायब थे और घरवाले इनकी तलाश भी कर रहे थे. इसी बीच सोमवार को किसी ने तालाब के किनारे कपड़े, चप्पल और ताबीज देखा, तो पुलिस को सूचना दी गई, जिसकी सूचना पर SDRF टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाया और बोरंगी तालाब से दोनों बच्चों के शव निकाले गए.
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