Year Ender 2019: साल की वो तस्वीरें जिन्होंने हमे रुला दिया

साल 2019 को विदा करने का वक्त आ गया है और हमसब अब साल 2020 का स्वागत कर रहे हैं. ये साल एक तरफ हमें बहुत कुछ देकर जा रहा है तो दूसरी तरफ साल 2019 ने हमसे छीना भी बहुत कुछ है.   

Year Ender 2019: साल की वो तस्वीरें जिन्होंने हमे रुला दिया
फाइल फोटो

साल 2019 को विदा करने का वक्त आ गया है और हमसब अब साल 2020 का स्वागत कर रहे हैं. ये साल एक तरफ हमें बहुत कुछ देकर जा रहा है तो दूसरी तरफ साल 2019 ने हमसे छीना भी बहुत कुछ है. हमें कुछ ऐसे दर्द दिए हैं, जिन्हें भुलाने में शायद सालों लग जाएंगे. जख्मों में कई जख्म ऐसे भी हैं जो लंबे समय तक सालते रहेंगे. गैंगरेप ही नहीं बड़े कई हादसों, कत्ल और मानव निर्मित या प्राकृतिक आपदाओं से भी जूझता रहा यह साल. 

पुलवामा हमला नहीं भूलेगा हिंदुस्तान
14 फरवरी का दिन, जब देश वेलेंटाइन डे मना रहा था उस दिन देश को सबसे बड़ा जख्म दिया गया. पाकिस्तानी आतंकियों ने कश्मीर में एक बड़ा बम धमाका किया था, जिसकी गूंज आज भी देश महसूस कर रहा है. 14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लितपोरा पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर जैश के एक आत्मघाती ने विस्फोटकों से भरी कार से हमला किया था. इस हमले में 40 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए थे.

आर्टिकिल 370 के खिलाफ आतंकियों का ATTACK
हमारे देश के लिए सबसे बड़े सिरदर्दों में से एक था, कश्मीर में आर्टिकल 370 की मौजूदगी,  जिसे मोदी सरकार ने अगस्त के महीने में खत्म कर दिया. आर्टिकल 370 खत्म होते ही पाकिस्तान बौखला गया और पाकिस्तानी आतंकी किसी भी तरह से भारत पर आतंकी हमले का प्लान बनाने लगे. अगस्त महीने में कश्मीर में एक के बाद एक तीन बड़े आतंकी हमले हुए.

कुलगाम में नरसंहार
साल 2019 को कश्मीर के कुलगाम नरसंहार के लिए भी याद रखा जाएगा. आतंकियों ने सारी हदें पार करते हुए आम लोगों को निशाना बनाया. आतंकियों ने कुलगाम में 6 बेकसूर श्रमिकों की हत्या कर दी थी.

गढ़चिरौली में बड़ा नक्सलियों का तांडव
देश ने इस साल भी नक्सली हमले का दंश झेला और एक बार फिर से जवानों को अपना निशाना बनाया. मई महीने में आतंकियों ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में एक बड़ा हमला किया था, जिसमें 15 जवान शहीद हो गये थे.

भीड़ का कहर इस साल भी रहा जारी
पिछले साल की तरह इस साल भी भीड़ ने बेगुनाहों को अपना निशाना बनाया. राजस्थान से लेकर झारखंड और पश्चिम बंगाल में मॉब लिंचिंग की गई. हालांकि, मॉब लिचिंग को लेकर सख्त कानून भी बनाए गये. बावजूद इसके भीड़ की बर्बरता की कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने देश को दहला कर रख दिया.

CAA पर उपद्रवियों का हिंसक प्रदर्शन
साल खत्म होने वाला ही था कि मोदी सरकार ने एक और बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला. केन्द्र सरकार CAA यानि, नागरिकता संशोधन कानून को संसद में पास करना लिया, लेकिन CAA पास होने के साथ ही देशभर में हंगामा मच गया. देश के कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन किया गया, जिसमें करीब 20 लोगों की मौत हुई.

चमकी बुखार का कहर
इस साल बिहार में चमकी बुखार ने फिर से कहर मचाया. बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार ने करीब 150 से ज्यादा बच्चों की जान ले ली.

हैदराबाद और उन्नाव में गैंगरेप
साल 2019 गैंगरेप की घटनाओं से त्रस्त रहा. हर दिन कहीं न कहीं से रेप की घटनाएं सामने आती रहीं. कई बार तो रेप के बाद आरोपी हैवानियत के स्तर को भी पार कर गए. महिलाओं के साथ रेप के बाद वीभत्स तरीके से उनकी हत्या कर दी जाती है. 27-28 नवंबर की रात हैदराबाद में पशु चिकित्सक की रेप के बाद आरोपियों ने मार दिया और मारने के बाद उनके शरीर को जला भी दिया.

कन्नौज में 7 साल की लड़की से रेप और मौत, 12 हड्डियां टूटी
देश में रेप की यही 2 महज घटनाएं नहीं हुई हैं. यह साल रेप और गैंगरेप की वारदातों से भरा पड़ा है. हर महीने कहीं न कहीं रेप की घटनाएं होती रही हैं. जनवरी में 16 साल की लड़की का रेप करने के बाद उसके शरीर को कई टुकड़ों में काट दिया गया और सिर को धड़ से अलग कर दिया गया.

वीभत्स अग्निकांडः दिल्ली, मुंबई और सूरत
मानव निर्मित हादसों की बात करें तो यह साल अग्निकांड वाला साल भी रहा. राजधानी दिल्ली के अलावा मुंबई और सूरत समेत कई शहर आग की लपटों से घिरे रहे. आग की लपटों में सैकड़ों बेगुनाहों की मौत हो गई.

दिल्ली की अनाज मंडी में आग, 43 लोगों की मौत 
8 दिसंबर को दिल्ली की अनाज मंडी में आग लगने से 43 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग जख्मी भी हो गए. 26 नवंबर को मुंबई से सटे बदलापुर में एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई थी. 2 सितंबर को नवी मुंबई के उरण स्थित ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) गैस प्लांट में भीषण आग लगने से 5 की मारे गए थे.

सूरत कोचिंग में आग, 22 छात्रों की मौत
साल 2019 के भीषण अग्निकांडों में से 24 मई को घटी सूरत की वो घटना भी शामिल है, जिसमें 22 छात्रों की मौत हो गई थी. सूरत के सरथाणा क्षेत्र में तश्रशिला आर्केड में तीसरी मंजिल पर स्थित एक शैक्षणिक संस्थान में आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से 22 छात्र मारे गए, बड़ी संख्या में लोग घायल भी हो गए थे. कई छात्रों की मौत कूदने की वजह से हो गई थी.

कुल्लू में खाई में गिरी बस, 47 की मौत
जून में हिमाचल प्रदेश के कुल्‍लू जिले के बंजार में ओवरलोडेड निजी बस गहरे खाई में गिर जाने से 47 लोगों की मौत हो गई. इसी तरह 14 जुलाई को सोलन जिला के कुम्‍मारहटटी में लंच पर आए असम रायफल के जवानों पर उस समय मौत टूट पड़ी जब चार मंजिला इमारत तेज बारिश में धंस गया.

बारिश-बाढ़ ने सालभर रुलाया
मानव निर्मित हादसों के अलावा प्राकृतिक आपदाओं से भी देश खासा त्रस्त रहा. बारिश के सीजन में भारी बारिश के अलावा बेमौसम बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रखा. इस बार तो सालभर बारिश का दंश झेलते रहे. आलम यह रहा कि सैकड़ों लोग तो मारे ही गए, हजारों करोड़ की फसल और संपत्ति का नुकसान भी हुआ.

भूकंपों से कांपी धरती
भूकंप की बात करें तो देश के कई शहरों में हल्के और उससे थोड़े भारी भूकंप आते रहे. बागपत में 19 फरवरी, 28 अगस्त को भोपाल, सितंबर को दिल्ली-एनसीआर और 13 अक्टूबर को बीकानेर में धरती कांप उठी. इसके अलावा 19 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश, असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में 5.6 की तीव्रता वाला भूकंप आया. 24 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर समेत पाकिस्तान में भूकंप आया, जिसमें पीओके में 40 लोग मारे गए.