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प्रतापगढ़ में मूसलाधार बारिश ने बनाया रिकॉर्ड, जाखम समेत कई बांध हुए जलमग्न

प्रतापगढ़ जिले का सबसे बड़ा 31 मीटर भराव क्षमता वाला जाखम बांध पर चादर चलने लगी है. जिले के जाखम, भंवरसेमला, हमजाखेड़ी, गादोला, बोरीया, मचलाना, बजरंगगढ़, बरड़िया एवं चाचाखेड़ी बांध पानी से भर चुके हैं.

प्रतापगढ़ में मूसलाधार बारिश ने बनाया रिकॉर्ड, जाखम समेत कई बांध हुए जलमग्न
1684 एमएम बारिश के साथ प्रतापगढ़ जिला अव्वल बना हुआ है.

प्रतापगढ़: उदयपुर में सप्ताह भर से लगातार चल रही बारिश थम गई है जिसके साथ लोगों ने राहत की सांस ली है. हालांकि आसमान में अभी भी काले बादल छाए हुए हैं. पिछले चैबीस घंटे से जिले में कहीं भी बारिश नहीं हुई है, लेकिन बारिश थमने से पहले प्रतापगढ़ में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बन चुका है. एक जून के बाद प्रदेश में प्रतापगढ़ जिले में सर्वाधिक बारिश हुई है. 1684 एमएम बारिश के साथ प्रतापगढ़ जिला अव्वल बना हुआ है.

प्रतापगढ़ जिले का सबसे बड़ा 31 मीटर भराव क्षमता वाला जाखम बांध पर चादर चलने लगी है. जिले के जाखम, भंवरसेमला, हमजाखेड़ी, गादोला, बोरीया, मचलाना, बजरंगगढ़, बरड़िया एवं चाचाखेड़ी बांध पानी से भर चुके हैं. बारिश थमने से पूर्व प्रतापगढ़ में एक क्रूजर गाड़ी चम्पनाथ की पुलिया में ओवर फ्लो में फंस गई. चालक ने ओवर फ्लो के बावजूद पुलिया पार करने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी पुलिया के बीच आकर फंस गई और बंद हो गई. पुलिस ने लोगों की मदद से क्रूजर में सवार दो युवकों को रेस्क्यू कर बचा लिया.

जिले में अधिकांश दुकानों और मकानों में पानी भर गया है. अब पाइप लगा कर घरों में भरे पानी को निकाल रहे हैं. वहीं प्रदेश के नागौर जिले के मेड़ता में बारिश के बाद आफत का कहर अब देखने को मिल रहा है. रह-रह कर मेड़ता के ज्योति नगर एवं आस पास के क्षेत्रों पानी की आवक बारिश बंद होने के बाद भी देखने को मिल रही है. जिससे मेड़ता के बाहरी इलाक़ों की कोलोनियों में पानी भर गया ओर लोगों को घरों से बाहर आने जाने में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

वहीं पानी भराव की इस समस्या को लेकर क्षेत्र वासियों ने विधायक के आवास जाकर विरोध प्रदर्शन किया और कोलोनियों में भरे पानी को बाहर निकालने की मांग की. इसको लेकर गुस्साए लोगों ने मेड़ता विधायक के आवास जाकर अपनी नाराजगी जाहिर की और जमा हुए पानी को बाहर निकालने की मांग की. इसको लेकर लोगों ने बताया की पिछले दिनों मेड़ता में हुई बारिश से मेड़ता के बाहरी क्षेत्र की कोलोनिया जल मग्न हो गई. इसके बाद बारिश रुकने के बाद भी बारिश के पानी की आवक इन कोलोनियों में देखने को मिल रही है.

जबकि कई इलाकों में तो कमर तक पानी बह रहा है इसके चलते लोगों का घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है. बारिश के चलते तमाम दुकानें बंद है और कई इलाकों में तो कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं. लगातार बारिश के चलते देर रात को ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह को जोड़ने वाली वीआईपी नई सड़क पर पहाड़ का मलबा ढ़ह गया जिसके चलते रोड़ बाधित हो गई. लगातार हो रही बारिश के बाद जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है.