बांसवाड़ा: आधी रात को दो लड़कों को नींद से उठाकर मंदिर लाए और करा दी शादी

बांसवाड़ा जिले में मंगलवार रात 12 बजे का समय था. कस्बे में सन्नाटा पसरा हुआ था. 

बांसवाड़ा: आधी रात को दो लड़कों को नींद से उठाकर मंदिर लाए और करा दी शादी
इस परंपरा को करने से खुशहाली आती है.

बांसवाड़ा: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में मंगलवार रात 12 बजे का समय था. कस्बे में सन्नाटा पसरा हुआ था. इस बीच एकाएक हो हल्ला हुडदंग करते हुए 40 से अधिक युवा और बुजुर्ग कस्बें के घरों में बच्चों को ढूंढने निकले. इन लोगों का उद्देश्य था कि जो भी बच्चा घर में सोता मिलेगा उसे उठा के ले जाएंगे.

इसी क्रम में ये लोग कस्बे के घरों में घुसकर तलाशी लेने लगे. तभी एक घर में 2 लड़के सोते हुए मिले. हुड़दंग करती आई भीड़ इन लड़कों के घर से ले जाने लगी. इस दौरान माता-पिता ने अपने बच्चे को उठा ले जाने वालों का विरोध नहीं किया बल्कि उन्हें देख कर हंसते रहे. यह पूरा मामला राजस्थान के जनजाति अंचल कहे जाने वाले बांसवाड़ा जिले के बडोदिया कस्बे का है.

क्यों किया गया ऐसा?

दरअसल, सोते हुए उठाए गए लड़कों के साथ 500 साल पुरानी परंपरा निभाई गई. युवक हिमांशु पंचाल और खिलेश सेवक पर ये खास परंपरा आजमाई गई. हर साल होली की रात को इस परंपरा को किया जाता है. खिलेश सेवक को दूल्हा बनाया गया और हिमांशु पंचाल को दुल्हन बनाया गया. रात को ही कस्बे में बारात भी निकाली गई और विधि विधान से हस्तमिलाप करके फेरे करवाकर और दोनों की शादी कराई गई.

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इस शादी का मजा लेने पूरे गांव के युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे. इतना ही नहीं शादी में खाना-पीना भी हुआ. जिसमें चॉकलेट से लेकर बिस्कुट सभी गांव वालों को दिए गए. यहां के लोगों का मानना है कि इस परंपरा को करने से खुशहाली आएगी और प्राकृतिक आपदा नहीं आएगी. इसीलिए हर साल होली की रात को यह परंपरा निभाई जाती है.